वैश्विक हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आईएचजी होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स ने आने वाले कुछ सालों के मामले में भारत को अपने प्रमुख पांच तरजीह वाले बाजारों में शामिल किया है। साथ ही यह देश में ब्रांडेड रेजिडेंस परियोजनाओं के अवसरों का भी सक्रिय रूप से मूल्यांकन कर रही है।
आईएचजी होटल्स ऐंड रिसॉर्ट्स के मुख्य कार्य अधिकारी एली मालौफ ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘भारत वृद्धि का महत्त्वपूर्ण इंजन है और वृद्धि के अन्य प्रमुख मार्गां के साथ तालमेल बिठा रहा है। अगर हम अपने वैश्विक बड़े बाजारों – यूरोप, अमेरिका, चीन से हटकर विकसित हो रहे हॉस्पिटैलिटी बाजारों को देखें, तो अवसरों के मामले में भारत प्रमुख पांच बाजारों में से एक होगा।’ दुनिया के सबसे बड़े होटल समूहों में शुमार इस समूह के शीर्ष अधिकारी भारतीय बाजार में एक ब्रांडेड रेजिडेंस परियोजना पर विचार कर रहे हैं। इस समूह के 100 से ज्यादा देशों में 6,800 होटल खुले हैं और सिक्स सेंसेस, रीजेंट, हॉलिडे इन जैसे अपने 21 ब्रांडों में 2,300 से ज्यादा प्रॉपर्टीज का विकास पाइपलाइन में है।
उन्होंने कहा, ‘हमारा दमदार और बढ़ता हुआ ब्रांडेड रेजिडेंस कारोबार है, जिसे हम अभी तक भारत में नहीं लाए हैं। हमारे अल्ट्रा-लक्जरी कारोबार के अलावा यह हमारे लिए तेजी से बढ़ता हुआ कारोबार है। यह भारत में भी आएगा और हम सक्रिय रूप से इसका मूल्यांकन कर रहे हैं तथा इसके लिए तैयारी कर रहे हैं।’
हालांकि भारत का ब्रांडेड रेजिडेंस बाजार वैश्विक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में छोटा है, लेकिन यह यहां अपने ब्रांडेड रेजिडेंस स्थापित करना चाह रहे ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के अलावा कई होटल समूहों, वाहन ब्रांडों और हाई स्ट्रीट लक्जरी ब्रांड के साथ तेजी से जोर पकड़ रहा है।
भारत के विदेश जाने वाले यात्रियों का बाजार भी समूह के मामले में सेवा के लिहाज से तेजी से खास होता जा रहा है, क्योंकि यह चीन के साथ-साथ विश्व स्तर पर शीर्ष दो में से एक है। इसलिए देश में आईएचजी की मौजूदगी का विस्तार करना खासा अहम हो जाता है।
मालौफ ने कहा, ‘भारत के विदेश जाने वाले यात्री दुनिया के लिए बड़ा बाजार हैं और हम भारत में भारतीय यात्रियों के जितने करीब होंगे, विदेश यात्रा के दौरान भी हम उनके उतने ही करीब रहेंगे। भारत के बाहर मजबूत होने के लिए आपको भारत में मजबूत होना होगा।’ इसलिए यह समूह अगले पांच सालों में देश में अपनी मौजूदगी को 400 से ज्यादा खुले और बन रहे होटलों तक बढ़ाने की सोच रहा है। साल 2025 में लगातार तीसरे साल रिकॉर्ड करार के बाद ऐसा किया जा रह है।