facebookmetapixel
BS Exclusive: खास घटना नहीं व्यापक बुनियाद पर बना है बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणभारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति, FTA वार्ता के लिए शर्तों पर हुआ करारIOCL Q3 Results: बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और सरकारी मुआवजे से मुनाफा 6 गुना उछला, ₹13,502 करोड़ पर आयाजमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहासरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने नेट इंटरेस्ट इनकम की कमी पूरी कीIndia-US Trade Deal: कृषि के लिए नहीं खोला गया बाजार, बोले कृषि मंत्री चौहान किसानों के हित सुरक्षितEPFO इक्विटी निवेश में लाएगा डायवर्सिफिकेशन, नए सेक्टर और स्टाइल इंडेक्स में भी कदम रखने का विचारदेश भर में सरपट दौड़ेगी भारत टैक्सी, क्या ओला, उबर और रैपिडो को दे पाएगी कड़ी टक्करIndia-US Trade Deal: 4-5 दिन में करार की रूपरेखा जारी करने की तैयारी, संयुक्त बयान के बाद घटेगा शुल्करिलायंस ने वेनेजुएला से खरीदा 20 लाख बैरल तेल, 6.5 से 7 डॉलर सस्ते भाव पर हुई खरीदारी

डीलिस्टिंग मानक आसान बनाएगा SEBI: माधवी पुरी बुच

डीलिस्टिंग मामलों के कुछ ताजा उदाहरणों में अक्टूबर में श्रेयस शिपिंग और तीन साल पहले अनिल अग्रवाल-नियंत्रित वेदांत का मामला शामिल है।

Last Updated- November 16, 2023 | 11:12 PM IST
ग्लोब्ल बॉन्ड सूचकांकों में भारत के प्रवेश से निवेशकों की दिलचस्पी कंपनी बॉन्ड में बढ़ेगीः सेबी , India's entry into global bond indices will increase investors' interest in corporate bonds: SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने कहा है कि बाजार नियामक अपनी अगली बोर्ड बैठक में डीलिस्टिंग (सूचीबद्धता समाप्त करने) नियमों को आसान बनाएगा। इस कदम से प्रवर्तकों को अपनी कंपनी को निजी बनाने में मदद मिलेगी।

डीलिस्टिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मौजूदा व्यवस्था (रिवर्स बुक बिल्डिंग-आरबीबी) प्रक्रिया को अल्पांश शेयरधारकों के पक्ष में देखा गया और भारतीय कंपनियों का अपनी कंपनी को शेयर बाजार से हटाने के प्रयास में नाकाम रहना बताया गया। डीलिस्टिंग मामलों के कुछ ताजा उदाहरणों में अक्टूबर में श्रेयस शिपिंग और तीन साल पहले अनिल अग्रवाल-नियंत्रित वेदांत का मामला शामिल है।

उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित पूंजी बाजार सम्मेलन में बुच ने कहा, ‘यह धारणा बनी हुई थी कि हम कभी भी डीलिस्टिंग नियमों की समीक्षा नहीं करेंगे और रिवर्स बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के साथ बने रहेंगे। लेकिन इस संबंध में परामर्श पत्र पहले ही जारी किया जा चुका है और सेबी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अगली बोर्ड बैठक में हम इस प्रस्ताव को अपने बोर्ड के समक्ष पेश करेंगे।’

सूत्रों ने कहा कि सेबी की अगली बोर्ड बैठक इस महीने के अंत या अगले महीने के शुरू में हो सकती है।

अगस्त में पेश चर्चा पत्र में बाजार नियामक ने आरबीबी ढांचे के लिए विकल्प का प्रस्ताव रखा था, जिसमें निर्धारित कीमत व्यवस्था और काउंटर-ऑफर मैकेनिज्म के लिए दायरा घटाना शामिल था। सेबी ने निवेश होल्डिंग कंपनियों के लिए डीलिस्टिंग मसौदे का भी प्रस्ताव रखा, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में उन पर अलग से विचार नहीं किया जाता है।

मौजूदा आरबीबी व्यवस्था के तहत प्रवर्तकों को डीलिस्टिंग प्रक्रिया सफल बनाने के लिए कुल शेयरधारिता का कम से कम 90 प्रतिशत खरीदना चाहिए। लेकिन इस विकल्प का ऑपरेटरों द्वारा दुरुपयोग किया गया।

First Published - November 16, 2023 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट