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Adani Green के तरजीही निर्गम के खिलाफ मतदान की सिफारिश

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इस हफ्ते अदाणी ग्रीन ने अपने 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड के रीडम्पशन की योजना सामने रखी है, जिसका पुनर्भुगतान इस साल सितंबर में होना है।

Last Updated- January 10, 2024 | 10:00 PM IST
Adani

प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर एडवाइजरी सर्विसेज (आईआईएएस) ने अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) के निवेशकों से कंपनी के प्रस्तावित 9,350 करोड़ रुपये के तरजीही इश्यू के खिलाफ मतदान की सिफारिश की है। आईआईएएस ने कहा कि वह इक्विटी के बजाय वॉरंट का समर्थन नहीं करती।

26 दिसंबर को बाजार समय के दौरान अदाणी ग्रीन ने अपने प्रवर्तकों को 9,350 करोड़ रुपये के 6.314 करोड़ वॉरंट तरजीही आधार पर जारी करने की घोषणा की, जो 1,480.75 रुपये प्रति शेयर के भाव पर मिलेंगे। कंपनी इस प्रस्ताव पर 18 जनवरी को होने वाली असाधारण आम बैठक में शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी। इसके लिए 14 जनवरी से 17 जनवरी तक ई-वोटिंग भी होगी।

कंपनी ने कहा था कि इस राशि का उपयोग अदाणी ग्रीन का कर्ज कम करने और पूंजीगत खर्च बढ़ाने में किया जाएगा जिससे कि वह 2030 तक 45 गीगावॉट की क्षमता जोड़ सके। कंपनी इससे पहले दिसंबर 2023 में 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर का ऋण उठा चुकी है। इस तरह उसकी कुल पूंजी अब 3 अरब डॉलर हो जाएगी।

Adani Green ग्रीन को भेजे ई-मेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला है। कंपनी का शेयर 26 दिसंबर को 1599.90 रुपये पर बंद हुआ था। इसके एक दिन पहले यह 1533.95 रुपये पर बंद हुआ। तब से यह 8 फीसदी बढ़ गया है और बुधवार को इसका भाव 1722.95 रुपये रहा।

आईआईएएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह प्रवर्तकों को वॉरंट जारी किए जाने का समर्थन नहीं करती। चूंकि इससे उन्हें शेयर कीमतों में तेजी का पर 18 महीने तक फायदा होगा।

दिसंबर में अदाणी ग्रीन ने कहा था, हर वॉरंट कंपनी के पूर्ण चुकता शेयरों में तब्दील होंगे, जिसे आवंटन की तारीख से 18 महीने की अवधि में एक या एक से अधिक चरणों में पूरा किया जा सकता है। प्रति वॉरंट न्यूनतम 370.19 रुपये, जो वॉरंट के इश्यू प्राइस का 25 फीसदी है, का भुगतान आवेदन और आवंटन के समय होगा।

आईआईएएस के नोट में कहा गया है कि अगर प्रवर्तक बाकी 75 फीसदी सबस्क्राइब नहीं करने का फैसला लेते हैं तो इसका कंपनी के कर्ज, पुनर्भुगतान और पूंजीगत योजना पर बड़ा असर हो सकता है। नोट में अदाणी ग्रीन के प्रवर्तकों को इसके बजाय इक्विटी के तरजीही इश्यू में भागीदारी करने को प्रोत्साहित किया गया है, जहां इक्विटी शुरू में ही लगाई जाती है, न कि वॉरंट के जरिये।

तरजीही इश्यू अहम इसलिए भी है क्योंकि यह अदाणी ग्रीन के कर्ज पुनर्भुगतान योजना का हिस्सा है। इस हफ्ते अदाणी ग्रीन ने अपने 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड के रीडम्पशन की योजना सामने रखी है, जिसका पुनर्भुगतान इस साल सितंबर में होना है। रीडम्पशन योजना में प्रवर्तक के तरजीही आवंटन के शुरुआती चरण में मिलने वाले 28.1 करोड़ डॉलर को शामिल किया गया है।

आईआईएएस ने अपने नोट में कहा कि कंपनी के 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड सितंबर 2024 में परिपक्व हो रहे हैं, ऐसे में इक्विटी के बजाय वॉरंट के जरिए फंड के इंतजाम का कारण अस्पष्ट है।

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First Published - January 10, 2024 | 9:50 PM IST

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