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कारोबार की गति बरकरार, टारगेट हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध: RBL बैंक के सीईओ

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आरबीएल बैंक के सीईओ आर सुब्रमण्यनकुमार ने कहा हमारे पास पर्याप्त पूंजी है और इस समय किसी नई पूंजी की जरूरत नहीं है।

Last Updated- November 27, 2023 | 11:25 PM IST
RBL Bank CEO R Subramaniankumar

बिजनेस स्टैंडर्ड के बैंकिंग शो के लिए मनोजित साहा को दिए साक्षात्कार में आरबीएल बैंक के एमडी एवं सीईओ आर सुब्रमण्यन (RBL Bank CEO) ने कहा कि असुरक्षित ऋणों पर जोखिम भार बढ़ाने के आरबीआई के ताजा निर्णय से बैंक को किसी तरह की ताजा पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:

-आरबीएल पर असुरक्षित ऋण पर ऊंचे जोखिम भारांक का क्या प्रभाव पड़ा है?

30 सितंबर, 2023 तक हमारे बैंक का कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.07 और टियर-1 (संपूर्ण सीईटी1) 15.15 प्रतिशत (आधे वर्ष के लिए मुनाफा शामिल) था। 30 सितंबर 2023 तक भारांक का प्रभाव बैंक के सीईटी1 का करीब 65 आधार अंक था, जो काफी हद तक क्रेडिट कार्डों की वजह से था।

नियामकीय बदलाव पर कुछ समय से चर्चा हुई है और नियामक द्वारा उठाया गया कदम सही दिशा में है। हमारे बैंक ने नए सुरक्षित बिजनेस सेगमेंटों मसलन, आवासीय, व्यावसायिक ऋण, वाहन, स्वर्ण आदि में वृद्धि को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए हैं। ये सभी सेगमेंट कम जोखिम भार वाले हैं।

मैं यह दोहराना चाहूंगा कि आरबीआई के नए कदम से बैंक के लिए कोई नई पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है और हमारे पास अपने निर्धारित विकास योजनाएं पूरी करने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध है। हमारी व्यावसायिक राह मजबूत बनी हुई है और हम निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

-क्या इसका मतलब यह है कि बैंक को निकट भविष्य में पूंजी जुटाने की जरूरत होगी?

हमारे पास पर्याप्त पूंजी है और इस समय किसी नई पूंजी की जरूरत नहीं है। हमारी पूंजी स्थिति न्यूनतम नियामकीय दायरे (जो 11.5 प्रतिशत है) से भी काफी ऊपर बनी हुई है।

-पिछले साल जून में जिम्मेदारी संभालने के बाद आपने कौन से मुख्य बदलाव किए हैं?

मैंने बाहर से ज्यादा लोगों को नहीं जोड़ा है, क्योंकि वे चीजों से निपटने में समय लेंगे। में अंदर की टीम का इस्तेमाल करने पर ही जोर दे रहा हूं, जिससे कि आगामी तिमाहियों में व्यावसायिक प्रक्रिया आसान बनाए रखने में मदद मिल सके। इसके अलावा, बैंक के पास करीब 500 से ज्यादा शाखाएं पहले से ही थीं, जो मुख्य रूप से देनदारी पर ध्यान दे रही थीं। इसलिए, मैंने इसमें बदलाव लाने पर जोर दिया। वे अब देनदारियां नहीं हैं। वे संपत्तियां भी हैं।

इसका मलतब है कि शाखाओं ने परिसंपत्तियों को सेल्स पॉइंट यानी बिक्री बिंदु के तौर पर देखना शुरू किया है। इसलिए शाखा देनदारी के लिए ही नहीं है, बल्कि परिसंपत्तियों के लिए भी सेल्स पॉइंट है। यह एक बड़ा बदलाव है, जिस पर हमने अमल किया। पिछले 6 से 9 महीनों में हमने कई उत्पाद पेश किए। अन्य महत्वपूर्ण बदलाव तकनीकी से जुड़ा है।

दूसरी तिमाही में, हमने जो सभी उत्पाद पेश किए, उनमें 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हम अपनी योजना के अनुसार सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

-चालू वित्त वर्ष में बैंक के ऋण वृद्धि और जमा वृद्धि लक्ष्य क्या हैं?

अग्रिमों में हमारी न्यूनतम वृद्धि 20 प्रतिशत से कम नहीं होगी। अग्रिमों में हमने तीन हिस्से निर्धारित किए हैं। होलसेल बैंकिंग ज्यादा या कम सपाट रहेगा। लेकिन होलसेल बैंकिंग में यह एक कमर्शियल बैंक है, जिसे हम एसएमई बैंक कहते हैं। यह 15 से 17 प्रतिशत के बीच बढ़ेगा। पिछली तिमाही में आपने करीब 17 प्रतिशत वृद्धि देखी होगी। संपूर्ण रिटेल बिक्री में करीब 30 से 35 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। इसमें सुरक्षित उत्पाद ज्यादा तेजी से बढ़ेंगे।

जमाओं के संदर्भ में हम 18 से 20 प्रतिशत के बीच वृद्धि दर्ज करेंगे। हमने पिछली तिमाही में करीब 13 प्रतिशत वृद्धि हासिल की। सीएएसए के संदर्भ में वृद्धि 12 प्रतिशत तक रही। हम सीएएसए में वृद्धि की समान रफ्तार बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं।

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First Published - November 27, 2023 | 10:14 PM IST

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