facebookmetapixel
Advertisement
इजरायल दौरे पर जाएंगे PM मोदी: नेसेट को कर सकते हैं संबोधित, नेतन्याहू ने किया भव्य स्वागत का ऐलानभारत-कनाडा रिश्तों में नई गर्माहट: म्युनिख में मिले जयशंकर-आनंद, मार्क कार्नी की यात्रा से पहले बड़ी तैयारीभारत का अपना ‘सॉवरेन AI’ तैयार! भारतजेन लॉन्च करेगा 17-अरब पैरामीटर वाला ‘परम-2’ मॉडल‘तकनीकी संप्रभुता का नया दौर’, IBM इंडिया के MD संदीप पटेल बोले- सिर्फ डेटा सुरक्षित रखना काफी नहींडिजिटल दुनिया में वॉयस AI की क्रांति: ‘डिफॉल्ट’ मोड बनेगा आवाज, इलेवनलैब्स ने भारत में कसी कमर‘AI और रोजगार का तालमेल जरूरी’, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने दिया विकास का नया मंत्रइस हफ्ते टैरिफ घटाकर 18% कर सकता है अमेरिका, वॉशिंगटन दौरे में कानूनी समझौते पर चर्चामास्टरकार्ड और वीजा कार्डधारकों को ओटीपी की जगह बायोमेट्रिक पेमेंट की सुविधा मिलेगी, जल्द लागू होगा पासकी सिस्टमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 दिवसीय एआई इम्पैक्ट एक्सपो का किया शुभांरभ, दुनिया के एआई दिग्गज होंगे शामिलसब्जियों और खाद्यान्न ने बिगाड़ा बजट: जनवरी में 1.81% के साथ 10 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची WPI दर

हर साल 3 लाख करोड़ रुपये निवेश में सक्षम म्युचुअल फंड

Advertisement

इक्विटी बाजार का प्रदर्शन आम चुनाव जैसे प्रमुख घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दर, ऊर्जा कीमतों तथा खपत पैटर्न जैसे कारकों पर निर्भर करेगा। 

Last Updated- December 14, 2023 | 11:03 PM IST
शेयर वर्गीकरण के नियम बदलेंगे! जानिए क्या-क्या बदलेगा?, Share classification rules will change! Know what will change?

कोटक म्युचुअल फंड (MF) ने गुरुवार को कहा कि SIP और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) विकल्पों के जरिये बढ़ते प्रवाह की संभावना को देखते हुए घरेलू फंड अब इक्विटी में हर साल 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करने और विदेशी फंडों द्वारा की जाने वाली बिकवाली की भरपाई करने की स्थिति में हैं।

3 लाख करोड़ रुपये के अनुमान में 17,000 करोड़ रुपये का मासिक एसआईपी निवेश, सक्रिय तौर पर प्रबंधित इक्विटी योजनाओं का करीब 90,000 करोड़ रुपये का नकदी बैलेंस और ईटीएफ में 40,000 करोड़ रुपये का ईपीएफओ निवेश शामिल है।

फिक्स्ड इनकम विकल्पों के मुकाबले मूल्यांकन आकर्षक होने पर अन्य करीब 64,000 करोड़ रुपये की राशि बैलेंस्ड एंडवांटेज फंडों (बीएएफ) द्वारा इक्विटी में लगाई जा सकेगी। बीएएफ ऐसे हाइब्रिड फंड होते हैं जो अक्सर बाजार हालात के आधार पर इक्विटी और डेट में निवेश करते हैं। मौजूदा समय में शुद्ध इक्विटी आवंटन करीब 50 प्रतिशत है। नवंबर के अंत में बीएएफ 2.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पूंजी का प्रबंधन कर रहे थे।

कोटक एमएफ में मुख्य निवेश अधिकारी हर्ष उपाध्याय ने कहा, ‘चूंकि श्रेणी के तौर पर बीएएफ में तेजी से इजाफा हुआ है, इसलिए बाजार में सतर्कता बरतने की जरूरत बढ़ी है। भले ही उद्योग से निवेश घटा है, लेकिन ये फंड उचित मूल्यांकन दिखने पर अपने डेट परिसंपत्तियां बेचकर इक्विटी निवेश के लिए पूंजी पैदा कर सकते हैं।’

विदेशी निवेशकों द्वारा बड़ी बिकवाली के बीच कैलेंडर वर्ष 2022 में बाजारों के लिए म्युचुअल फंड मददगार बनकर उभरे थे। 2022 में फंडों ने 1.8 लाख करोड़ रुपये का शानदार निवेश किया और 2023 (8 दिसंबर तक) में 1.6 लाख करोड़ रुपये लगाए हैं। फंडों की इक्विटी खरीदारी में तेजी को मजबूत निवेश प्रवाह से मदद मिली।

फंड हाउस का कहना है कि इक्विटी बाजार का प्रदर्शन आम चुनाव जैसे प्रमुख घटनाक्रम और अमेरिकी ब्याज दर, ऊर्जा कीमतों तथा खपत पैटर्न जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।

Advertisement
First Published - December 14, 2023 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement