facebookmetapixel
Budget 2026 में बढ़ी उधारी, बॉन्ड यील्ड उछली; डेट फंड निवेशक क्या करें?सरकार जल्द मंजूर करेगी ECMS के और प्रस्ताव, ₹11,150 करोड़ निवेश की संभावनाUIDAI का बड़ा कदम: 2.5 करोड़ मृत लोगों के आधार नंबर बंद, धोखाधड़ी पर कसेगा शिकंजाDSP MF का नया Multi Asset Omni FoF लॉन्च, ₹100 से इक्विटी-डेट-गोल्ड में डायनैमिक निवेश का मौकाRBI से बैंकों की गुहार: लोन ग्रोथ तेज, जमा सुस्त, लिक्विडिटी नियमों में ढील की मांगSEBI ने मार्केट इंटरमीडिएटरीज के लिए ‘फिट एंड प्रॉपर पर्सन’ फ्रेमवर्क में व्यापक बदलावों का प्रस्ताव रखाAMC Stocks में तेजी की गुंजाइश, ब्रोकरेज ने दिए 18–28% अपसाइड के टारगेट₹1,000 का लेवल टच करेगा ये Hotel Stock! मोतीलाल ओसवाल ने शुरू की कवरेज, 30% अपसाइड का टारगेटONGC, Oil India और BPCL क्यों बन रहे हैं ब्रोकरेज के फेवरेट? रिपोर्ट में 10% अपसाइड का संकेतInterest Rates: MPC में सरप्राइज नहीं होगा? नुवामा ने बताया RBI का अगला बड़ा दांव क्या है

बाजार हलचल: खुदरा निवेशकों ने दिखाई मजबूत वित्तीय ताकत

आंकड़े बताते हैं कि 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में शेयरों में शुद्ध खुदरा निवेश 7,600 करोड़ रुपये रहा है।

Last Updated- November 26, 2023 | 10:11 PM IST
Credit to retail sector dips to 18.3% in August 2023, shows RBI data

अक्सर कहा जाता है कि खुदरा निवेशक देसी पूंजी बाजारों के मजबूत स्तंभ बन गए हैं। यह ताकत पिछले हफ्ते पांच आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) में उनकी भागीदारी से साफ हो गई।

उद्योग के प्रतिभागियों ने कहा कि इन आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये लगाए हैं और करीब 1 करोड़ यूनिक निवेशक इनसे जुड़े हैं। एक बैंकर ने कहा कि यह उल्लेखनीय मुकाम है। इससे यह साबित होता है कि अगर निवेश का मौका सही हो तो उसके लिए काफी खुदरा रकम उपलब्ध है।

आंकड़े बताते हैं कि 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में शेयरों में शुद्ध खुदरा निवेश 7,600 करोड़ रुपये रहा है। म्युचुअल फंडों में 1.8 लाख करोड़ रुपये की घरेलू बचत वर्ष 2022-23 के दौरान निवेश हुई।

निश्चित तौर पर आईपीओ आवेदकों के एक छोटे ही हिस्से को शेयर मिलेंगे क्योंकि बोलियां काफी ज्यादा मिली हैं। बाकी रकम बैंकों में जमा रहेगी और अगले बड़े मौके की तलाश करेगी।

वैश्विक सूचकांक के लिए टाटा टेक को करना होगा इंतजार

टाटा टेक्नोलॉजिज (Tata Technologies) को किसी वैश्विक या स्थानीय सूचकांक का हिस्सा बनने के लिए कम से कम छह महीने इंतजार करना पड़ सकता है। हाल में आए कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का खासा दुलार मिला है। आईपीओ कीमत पर टाटा समूह की इस कंपनी का मूल्यांकन 20,283 करोड़ रुपये बैठता है।

ग्रे मार्केट के प्रीमियम को संकेतक मानें तो सूचीबद्धता पर वैश्विक इंजीनियरिंग सेवा कंपनी का मूल्यांकन 36,500 करोड़ रुपये होगा। मोटे तौर पर इस आकार की कंपनियों को सूचकांकों में शामिल किया जाता है, लेकिन टाटा टेक का कम पब्लिक फ्लोट इसमें बाधा हो सकता है।

पेरिस्कोप एनालिटिक्स के विश्लेषक ब्रायन फ्रिएट्स ने कहा कि सूचीबद्धता के समय टाटा टेक का पब्लिक फ्लोट करीब 10 फीसदी होगा और प्री-आईपीओ लॉक-अप खत्म होने के बाद यह बढ़कर करीब 30 फीसदी हो जाएगा। इस कंपनी को मई व जून में वैश्विक सूचकांकों में शामिल किया जा सकता है, लेकिन स्थानीय सूचकांकों में शामिल होने में समय लगेगा।

निफ्टी में बढ़त से नई ऊंचाई के संकेत

बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने लगातार चौथे हफ्ते बढ़त दर्ज की। पिछले हफ्ते का लाभ हालांकि महज 0.3 फीसदी रहा क्योंकि नकदी प्राथमिक बाजार की ओर चली गई। पिछले हफ्ते बंद हुए पांच आईपीओ में करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी लगी है।

विशेषज्ञों ने कहा कि जब आईपीओ का आवंटन हो जाएगा तब नकदी वापस सिस्टम में आएगी और द्वितीयक बाजार की संभावनाएं बढ़ाएगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि हम निफ्टी में समयबद्ध गिरावट देख रहे हैं और अगले हफ्ते इसके 19,850 से ऊपर निकलने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे निफ्टी को नई ऊंचाई में मदद मिलेगी।

अगर मुनाफावसूली बढ़ेगी तो नीचे की ओर हम समर्थन का स्तर 19,350-19,550 हो सकता है। निफ्टी का आखिरी बंद स्तर 19,795 है, जो नई ऊंचाई से महज 400 अंक यानी 2 फीसदी दूर है।

First Published - November 26, 2023 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट