facebookmetapixel
Advertisement
वॉट्सऐप यूजरनेम विवाद के बाद सरकार ने कसी कमर, सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए आ सकते हैं एक जैसे नियमनरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में बड़ा हंगामा, सामने आया पहला बयान: पार्टी फोरम में बात रखेंअमेरिका के एकतरफा 12.5% टैरिफ प्रस्ताव पर भारत सख्त, कहा: बातचीत से सुलझाएं व्यापारिक मुद्देइंडियन टोनर्स का बड़ा फैसला: 1 शेयर के होंगे 5 टुकड़े, 17 जुलाई को तय हुई स्टॉक स्प्लिट की रिकॉर्ड डेट1 के बदले 2 फ्री बोनस शेयर! फॉर्मा कंपनी ने जबरदस्त मुनाफे के बाद लुटाया प्यार, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेनिवेशकों के लिए खुशखबरी! मिनोल्टा फाइनेंस के 1 शेयर पर 4 नए शेयर खरीदने का मौका, रिकॉर्ड डेट फिक्सUN Women की रिपोर्ट में खुलासा: संकटग्रस्त इलाकों में 10 लाख से अधिक महिलाओं तक नहीं पहुंच रही मददट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, कहा: मुझ पर हमला हुआ तो 1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगेसरकारी बैंकों की बंपर कमाई के बाद शेयरों में जबरदस्त उछाल, इंडियन बैंक-बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बड़ी तेजीज्यादा अल्कोहल वाली दवाओं पर सरकार सख्त, अब बिना डॉक्टर के पर्चे और लाइसेंस के नहीं मिलेगी दवाई

IPCA Lab ने Unichem की 19.29 फीसदी हिस्सेदारी और खरीदी

Advertisement

यूनिकेम लैब्स अब इप्का की सहायक कंपनी हो गई है। इप्का ने कहा कि खुली पेशकश में उसने 440 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया।

Last Updated- September 21, 2023 | 11:31 PM IST
Equity MF flows at 12-month high in March

इप्का लैबोरेटरीज (Ipca Laboratories) ने गुरुवार को ऐलान किया कि उसने यूनिकेम लैबोरेटरीज (Unichem Laboratories) की अतिरिक्त 19.29 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण खुली पेशकश के जरिये 597.5 करोड़ रुपये में कर लिया और इस तरह से उसकी शेयरधारिता इस कंपनी में 52.67 फीसदी पर पहुंच गई।

यूनिकेम लैब्स अब इप्का की सहायक कंपनी हो गई है। इप्का ने कहा कि खुली पेशकश में उसने 440 रुपये प्रति शेयर का भुगतान किया। इप्का का शेयर बीएसई पर 1.6 फीसदी गिरककर 898 रुपये पर बंद हुआ।

इससे पहले इप्का लैबोरेटरीज ने यूनिकेम लैब की 33.38 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 402.25 रुपये प्रति शेयर पर किया था, जिस पर कुल 945.35 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और यह अगस्त में पूरा हुआ था। अधिग्रहण के तहत इप्का लैब ने यूनिकेम लैब के आम शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश सामने रखी ताकि 26 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 440 रुपये प्रति शेयर पर कर सके।

इस अधिग्रहण के बाद यूनिकेम की पूर्ण स्वामित्व वाली कई अन्य सहायक अब इप्का लैब की सहायक बन गई है -निचे जेनेरिक्स यूके, यूनिकेम एसए पीटीवाई दक्षिण अफ्रीका, यूनिकेम फार्मास्यूटिका डो ब्रासिल, यूनिकेम फार्मा यूएसए, यूनिकेम लैब आयरलैंड और यूनिकेम चाइना।

यूनिकेम के पास ब्रांडेड जेनेरिक्स व एपीआई का बड़ा बास्केट है, जिसका विपणन वह कई देशों में करती है और उसके अहम बाजार हैं अमेरिका व यूरोप।

यूनिकेम लैब का गठन अमृत मोदी ने 1944 में किया था और उसके भारत में छह विनिर्माण संयंत्र हैं। इप्का लैब एपीआई समेत दवा फॉर्मुलेशन की बड़ी रेंज, ब्रांडेड जेनेरेक्सि व जेनेरिक्स का विपणन कई देशों में करती है।

Advertisement
First Published - September 21, 2023 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement