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लोकसभा में विपक्ष की अनुपस्थिति के बीच 4 महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित

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लोकसभा में दोपहर में ब्रिटिश युग के आपराधिक कानूनों को बदलने वाले तीन विधेयक और इनके बाद दूरसंचार विधेयक पारित किए गए।

Last Updated- December 20, 2023 | 10:48 PM IST
Loksabha

लोकसभा में विपक्ष की अनुपस्थिति के बीच चार महत्त्वपूर्ण विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गए। इस दौरान विपक्ष के दो और सदस्य बुधवार को सदन से निलंबित कर दिए गए। इससे लोकसभा से निलंबन का सामना करने वाले सांसदों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है। संसद के दोनों सदनों से अब तक विपक्ष के कुल 143 सांसदों पर कार्रवाई हो चुकी है।

लोकसभा में दोपहर में ब्रिटिश युग के आपराधिक कानूनों को बदलने वाले तीन विधेयक और इनके बाद दूरसंचार विधेयक पारित किए गए। इस बीच, केरल कांग्रेस (मणि) के थॉमस कझाकदान और माकपा (एम) के एएम आरिफ दुर्व्यवहार के कारण लोकसभा से निलंबित कर दिए गए। विपक्ष 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहा है।

राज्यसभा में वह विधेयक भी पारित कर दिया गया, जिसमें जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की उम्र सीमा बढ़ाने की इजाजत देता है। लोकसभा में यह विधेयक मंगलवार को पारित हो गया था।

राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उनकी मजाक उड़ाने और उसका वीडियो बनाया जाना उपराष्ट्रपति पद के सम्मान, किसान और उनके अपने समुदाय का अपमान है। तृणमूल काग्रेस के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को संसद की सीढि़यों पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे निलंबित सांसदों के बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारी (मिमिक्री) की थी।

धनखड़ के साथ एकजुटता दर्शाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान करीब दस मिनट तक खड़े रहे। बनर्जी द्वारा मिमिक्री करने के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा वीडियो बनाने पर भाजपा ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी धनखड़ के मामले में एकजुटता दिखाई। धनखड़ से फोन पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह पिछले 20 साल से अपमानित करने वाले कृत्यों के प्रमुख शिकार रहे हैं।

इस बीच विपक्ष ने कहा कि पूरा मोदी इकोसिस्टम अब तथाकथित मिमिक्री जैसे गैर मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है, जबकि भाजपा के एक सांसद द्वारा दो घुसपैठियों को लोकसभा के अदंर घुसने में मदद करने और संसद से विपक्ष के 143 सांसदों के निलंबन के मामले पर बिल्कुल चुप्पी छाई हुई है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने वर्ष 2018 में लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि देखिए लोकसभा में कौन मजाक उड़ा रहा है।

लोकसभा में ब्रिटिश युग के तीन आपराधिक कानूनों भारतीय साक्ष्य संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन प्रावधान सूचीबद्ध किए, जो तेजी से न्याय दिलाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि अब शिकायत मिलने के तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी और 14 दिन में प्राथमिक जांच पूरी करनी होगी।

इस दौरान शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता हरसिमरत कौर बादल ने अधिकांश विपक्षी सदस्यों की सदन से अनुपिस्थति का मुद्दा उठाया और कहा कि तीन महत्त्वपूर्ण आपराधिक कानूनों पर सदन उस समय चर्चा कर रहा है जब विपक्ष के ज्यादातर सदस्य सदन में नहीं हैं। ये विधेयक बिना चर्चा के इस तरीके से पारित नहीं किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जब पंजाब में उग्रवाद चरम पर था तो उस समय राज्य के युवा भी भावुकता में कदम उठा रहे थे। कौर ने कहा कि 13 दिसंबर को लोकसभा में कूदे युवक अपनी बेरोजगारी, मणिपुर और किसानों का मुद्दा उठा रहे थे।

भाजपा सदस्य रमेश बिधूड़ी ने भी संसद की सुरक्षा में चूक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। यह मुद्दा सोशल मीडिया में छाया है और इसे भगत सिंह से जोड़ा जा रहा है, लेकिन जिस समय स्वतंत्रता सेनानियों ने संसद (उस समय सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली) में प्रवेश किया था तो तब देश में ब्रिटिश राज था।

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First Published - December 20, 2023 | 10:44 PM IST

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