facebookmetapixel
Advertisement
शॉर्ट टर्म कमाई पर दबाव संभव पर लॉन्ग टर्म संभावनाएं मजबूत: चिराग सीतलवाडSUV मांग से चमका Mahindra & Mahindra, ट्रैक्टर सेगमेंट में जोखिम के बावजूद ब्रोकरेज बुलिशDMart का तिमाही नतीजा रहा है बेहतर, फिर भी ब्रोकरेज बंटे; शेयर में उतार-चढ़ावMSCI EM इंडेक्स में पैसिव निवेश खींचने में भारत पर भारी पड़ी अकेली ताइवानी कंपनीअमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये की 5 दिन की गिरावट थमी, बॉन्ड में भी आई तेजीECLGS 5.0 से MSME लोन में तेजी की उम्मीद, बैंकिंग सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहाराअमेरिका-ईरान में शांति के आसार से चढ़े बाजार, सेंसेक्स 941 अंक उछला, तेल में गिरावटविदेशी विश्वविद्यालयों के भारत आने से बढ़ेगी फैकल्टी डिमांड, वेतन और प्रतिस्पर्धा में आएगा उछालभारत-वियतनाम संबंधों में नया अध्याय: 25 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, रक्षा और डिजिटल सहयोग को मिली रफ्तारगारंटी मिले तभी देंगे Vodafone Idea को कर्ज, बैंक मांग रहे प्रमोटर सपोर्ट

जेनएआई को नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरे पर आई बड़ी रिपोर्ट

Advertisement

जेनएआई टूल तक बढ़ती पहुंच के बावजूद कई पेशेवरों में यह अनिश्चितता है कि ये प्रौद्योगिकियां उनके करियर को किस तरह आकार देंगी।

Last Updated- June 01, 2025 | 10:53 PM IST
artificial intelligence

विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों के उद्यमों को कार्यस्थलों पर जेनरेटिव एआई (जेनएआई) के इस्तेमाल में मदद के लिए जरूरी संरचना, पहुंच और स्पष्टता प्रदान करने के मामले में मशक्कत करनी पड़ रही है। कर्मचारी भर्ती क्षेत्र की कंपनी माइकल पेज इंडिया की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

टैलेंट ट्रेंड्स इंडिया 2025 नामक इस रिपोर्ट में देश भर के विभिन्न स्तर के अनुभव वाले करीब 3,000 पेशेवरों का सर्वेक्षण है। इसमें बताया गया है कि जेनएआई टूल तक बढ़ती पहुंच के बावजूद कई पेशेवरों में यह अनिश्चितता है कि ये प्रौद्योगिकियां उनके करियर को किस तरह आकार देंगी।

भारत में 42 प्रतिशत पेशेवर जेनएआई को नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखते हैं क्योंकि इसके उपयोग और प्रभाव के संबंध में गहरी चिंताएं सामने आ रही हैं। यह प्रतिशत बढ़कर तब 44 हो जाता है जब बात मध्य स्तर के प्रबंधन की आती है, जो नई तकनीक के कारण अपनी नौकरी खोने गंवाने को लेकर आशंकित है। 30 प्रतिशत के साथ शीर्ष प्रबंधन सबसे कम खतरा महसूस करता है। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 60 प्रतिशत का मानना है कि यह उनके करियर की दीर्घावधि राह पर असर डालेगा।

यह अनिश्चितता तत्परता के व्यापक अंतर की ओर इशारा करती है – जो न केवल तकनीकी कौशल के बारे में है बल्कि विश्वास, मार्गदर्शन और भविष्य की स्थिति को लेकर भी है। कई कर्मचारी शायद जेनएआई के विरोधी न हों, लेकिन स्पष्ट दिशा-निर्देशन के बिना वे इसका अधिकतम लाभ उठाने के मामले में खुद को कम तैयार महसूस करते हैं।

Advertisement
First Published - June 1, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement