facebookmetapixel
Advertisement
सोमनाथ भारत की अपराजित आत्मा का प्रतीक, पीएम मोदी ने विरासत और आस्था को बताया राष्ट्र की शक्तिECLGS 5.0: एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट को मिल सकती है ₹1,500 करोड़ तक की राहतRupee vs Dollar: कच्चे तेल में गिरावट से रुपया लगातार दूसरे दिन मजबूत, डॉलर के मुकाबले 94.25 पर बंदसंजय कपूर मामले में मध्यस्थता करेंगे पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़FY26 में नए निवेशकों पर चार AMC का दबदबा, आधे से ज्यादा फोलियो इन्हीं के नामEditorial: हार के बाद ममता बनर्जी की सियासत ने फिर बढ़ाया टकरावक्या UPI पर सब्सिडी खत्म करने का समय आ गया है? Tiered MDR व्यवस्था की जरूरत पर बहसनए स्वरूप में NITI Aayog और PMEAC भारत की अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर समझने में बन सकते हैं मददगारSEBI ने शेयर ब्रोकरों का जोखिम सुरक्षा प्रणाली मंच ‘आईआरआरए’ बंद किया Stock Market: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 114 अंक टूटा, निफ्टी स्थिर 

जेनएआई को नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरे पर आई बड़ी रिपोर्ट

Advertisement

जेनएआई टूल तक बढ़ती पहुंच के बावजूद कई पेशेवरों में यह अनिश्चितता है कि ये प्रौद्योगिकियां उनके करियर को किस तरह आकार देंगी।

Last Updated- June 01, 2025 | 10:53 PM IST
artificial intelligence

विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों के उद्यमों को कार्यस्थलों पर जेनरेटिव एआई (जेनएआई) के इस्तेमाल में मदद के लिए जरूरी संरचना, पहुंच और स्पष्टता प्रदान करने के मामले में मशक्कत करनी पड़ रही है। कर्मचारी भर्ती क्षेत्र की कंपनी माइकल पेज इंडिया की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है।

टैलेंट ट्रेंड्स इंडिया 2025 नामक इस रिपोर्ट में देश भर के विभिन्न स्तर के अनुभव वाले करीब 3,000 पेशेवरों का सर्वेक्षण है। इसमें बताया गया है कि जेनएआई टूल तक बढ़ती पहुंच के बावजूद कई पेशेवरों में यह अनिश्चितता है कि ये प्रौद्योगिकियां उनके करियर को किस तरह आकार देंगी।

भारत में 42 प्रतिशत पेशेवर जेनएआई को नौकरी की सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखते हैं क्योंकि इसके उपयोग और प्रभाव के संबंध में गहरी चिंताएं सामने आ रही हैं। यह प्रतिशत बढ़कर तब 44 हो जाता है जब बात मध्य स्तर के प्रबंधन की आती है, जो नई तकनीक के कारण अपनी नौकरी खोने गंवाने को लेकर आशंकित है। 30 प्रतिशत के साथ शीर्ष प्रबंधन सबसे कम खतरा महसूस करता है। सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 60 प्रतिशत का मानना है कि यह उनके करियर की दीर्घावधि राह पर असर डालेगा।

यह अनिश्चितता तत्परता के व्यापक अंतर की ओर इशारा करती है – जो न केवल तकनीकी कौशल के बारे में है बल्कि विश्वास, मार्गदर्शन और भविष्य की स्थिति को लेकर भी है। कई कर्मचारी शायद जेनएआई के विरोधी न हों, लेकिन स्पष्ट दिशा-निर्देशन के बिना वे इसका अधिकतम लाभ उठाने के मामले में खुद को कम तैयार महसूस करते हैं।

Advertisement
First Published - June 1, 2025 | 10:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement