बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने कैलेंडर वर्ष 2025 में अपनी अब तक की सबसे ज्यादा 18,001 कारों की बिक्री की। यह सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंपनी ने लग्जरी कार बाजार से काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इस मजबूत प्रदर्शन को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में बिके रिकॉर्ड 6,023 वाहनों से मदद मिली जो 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इससे जाहिर होता है कि यात्री वाहन बाजार में जीएसटी के बाद भी लगातार तेजी बनी हुई है।
खास बात यह है कि बीएमडब्ल्यू की वृद्धि में पहली बार लग्जरी कार खरीदने वालों का योगदान बढ़ रहा है। इस सेगमेंट के बारे में कंपनी का मानना है कि भारत के नवेले लग्जरी कार बाजार के विस्तार के लिए बहुत जरूरी है।
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी हरदीप एस बराड़ के अनुसार बीएमडब्ल्यू के पोर्टफोलियो में पहली बार लग्जरी कार खरीदने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यह 2024 में लगभग 43 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में लगभग 49 प्रतिशत हो गई है।
कुछ मॉडलों के लिए तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। बराड़ ने कहा, ‘लग्जरी बाजार का विस्तार सिर्फ ऊपरी स्तर पर नहीं हो सकता। यह एंट्री पॉइंट से होना चाहिए।’
कंपनी ने लगातार चौथे वर्ष भारत में नंबर एक लग्जरी ईवी ब्रांड के रूप में अपना दबदबा बरकरार रखा है। उसने 2025 में 3,753 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे जो पिछले वर्ष की तुलना में 200 प्रतिशत की तेज वृद्धि है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया की कुल कार बिक्री में ईवी का योगदान 21 प्रतिशत है जो एक साल पहले सिर्फ 8 प्रतिशत था। बीएमडब्ल्यू का लक्ष्य 2026 के अंत तक ईवी की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना है।
वैश्विक स्तर पर भारत जर्मन लग्जरी कार निर्माता कंपनी के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बाजार बनता जा रहा है। बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया अब बिक्री के लिहाज से दुनिया भर में टॉप 20 बीएमडब्ल्यू बाजारों में शामिल है और वृद्धि दर के हिसाब से शीर्ष पांच बाजारों में से एक है जिसका लक्ष्य 2030 तक बिक्री के मामले में टॉप 15 में शामिल होना है।