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AI प्लेटफॉर्म देगा सरकारी योजनाओं की जानकारी, बताएगा आप किस स्कीम के हकदार; जल्द हो रहा लागू

अधिकारी ने कहा, ‘22 अन्य देश भी भारत के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें अपने परिवेश का विस्तार करना होगा।’

Last Updated- March 31, 2024 | 11:34 PM IST
Artificial Intelligence

सरकार ने नागरिकों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के साथ सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के अगले चरण के लिए एक खाका तैयार किया है। लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दे ने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिनके वे हकदार हैं।

फिलहाल लोग केवल उन्हीं योजनाओं का विवरण प्राप्त कर सकते हैं जिनके लिए उन्होंने पहले साइन-अप किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अब सरकार का लक्ष्य नागरिकों को यह पता लगाने में समर्थ बनाना है कि वे किन योजनाओं के हकदार हैं।’

अधिकारी ने बताया कि विभिन्न मंत्रालयों की अलग-अलग योजनाएं हैं। उन योजनाओं के बारे में अलग-अलग मंत्रालयों में जाकर पता लगाना लोगों के लिए काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘मगर उनके लिए एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करना और विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा। हम इसी पर काम कर रहे हैं।’ यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिनके वे हकदार हैं।

अगर किसी व्यक्ति ने पीएम आयुष्मान योजना के लिए साइन-अप किया है तो एआई आधारित पोर्टल उनसे पूछ सकता है कि उन्होंने पीएम आवास योजना को क्यों नहीं चुना? अथवा अगर किसी ने पीएम आवास योजना के लिए साइन-अप किया है तो उन्हें हर घर जल योजना के लिए भी साइन-अप करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

अधिकारी ने कहा, ‘सरकार का लक्ष्य यह है कि कोई भी नागरिक उन सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ न रहे जिनका वह हकदार है। यह अगला चरण है जो आम चुनाव के बाद लागू होने की उम्मीद है।’

‘इंडिया स्टैक’ की सफलता के बाद सार्वजनिक सेवाओं में विस्तार के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इंडिया स्टैक के तहत डिजिटल पहचान, भुगतान और डेटा प्रबंधन जैसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। स्टैक में ई-साइन, डिजिटल लॉकर, यूपीआई आदि स्तर मौजूद हैं।

भारत ने अपने नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने के लिए इस स्टैक को लागू करने के लिए 10 देशों के साथ समझौता किया है। अधिकारी ने कहा, ‘22 अन्य देश भी भारत के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें अपने परिवेश का विस्तार करना होगा।’

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के उपयोग के विनियमन के बारे में अधिकारी ने कहा कि एआई में काफी कुछ अच्छा करने की क्षमता है, लेकिन वह कुछ नुकसान भी पहुंचा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘हमारी बुनियादी सोच यह है कि हम एक जिम्मेदार एवं नैतिक तरीके से एआई के उपयोग की ओर बढ़ें। इसका मतलब काफी अधिक स्व-शासन से है क्योंकि नैतिकता के बारे में मेरी समझ दूसरों से अलग हो सकती है। इसलिए हम अनिवार्य तौर पर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हरेक एआई मॉडल और एआई आधारित प्लेटफॉर्म हमारे उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं भरोसेमंद हो।’

दूसरे शब्दों में अधिकारी ने कहा कि चाहे आप गूगल हों या चैट जीपीटी, मेटा अथवा माइक्रोसॉफ्ट, आप कानूनी तौर पर यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे कि एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता कोई आपराधिक काम न करें अथवा कुछ ऐसा न करें जो सुरक्षा अथवा भरोसे को प्रभावित करे।

First Published - March 31, 2024 | 9:47 PM IST

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