गत सप्ताह तीन अलग-अलग लेकिन गंभीर आवाजें उभरीं जिन्होंने भारत के 20 करोड़ मुसलमानों की ओर वापस ध्यान आकृष्टï किया और इस ओर भी कि राष्ट्रीय राजनीति में उनकी क्या भूमिका है। हम तीनों में देश के सर्वोच्च न्यायालय को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि एक संस्थान किसी भी व्यक्ति से हमेशा ऊपर होता है। देश […]
पेगासस जासूसी मामले में न्यायालय का केंद्र सरकार को नोटिस
सर्वोच्च न्यायालय ने कथित पेगासस जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यह स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहता कि सरकार ऐसी किसी बात का खुलासा करे जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत […]
जांच की मांग अटकलों पर आधारित: केंद्र सरकार
केंद्र ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि पेगासस जासूसी के आरोपों को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं अटकलों, अनुमानों और मीडिया में आई अपुष्ट खबरों पर आधारित हैं। केंद्र सरकार ने कहा कि पेगासस जासूसी के आरोपों में छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह इस मामले के […]
अंग्रेजों के जमाने का राजद्रोह कानून अभी तक खत्म क्यों नहीं
सर्वोच्च न्यायालय ने ‘औपनिवेशिक काल’ के राजद्रोह संबंधी दंडात्मक कानून के ‘भारी दुरुपयोग’ पर गुरुवार को चिंता व्यक्त की और केंद्र से सवाल किया कि स्वतंत्रता संग्राम को दबाने के वास्ते महात्मा गांधी जैसे लोगों को ‘चुप’ कराने के लिए ब्रिटिश शासनकाल में इस्तेमाल के लिए प्रावधान को समाप्त क्यों नहीं किया जा रहा। प्रधान […]
ट्रैक्टर रैली पर दिल्ली पुलिस करे फैसला
उच्चतम न्यायालय ने आज 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रस्तावित किसानों के ट्रैक्टर मार्च की वैधानिकता में जाने से इनकार करते हुए इस मसले पर फैसला दिल्ली पुलिस पर छोड़ दिया है। न्यायालय ने कहा कि यह कानून व्यवस्था का मसला है और दिल्ली पुलिस को देखना है कि उस दिन राष्ट्रीय […]
सर्वोच्च न्यायालय ने आज निर्देश दिया कि 31 अगस्त तक जिन खातों को गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घोषित नहीं किया गया है, उन्हें अदालत के अगले आदेश तक या मॉरेटोरियम मामले पर फैसला आने तक एनपीए की श्रेणी में नहीं डाला जाए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाला पीठ 10 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई […]
सर्वोच्च न्यायालय ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से संबंधित पुराना बकाया चुकाने के मामले में जो निर्णय दिया है उसने दूरसंचार क्षेत्र के 15 वर्ष पुराने मामले का आखिरकार पटाक्षेप कर दिया है। यह निर्णय उस घटना के करीब एक वर्ष बाद आया है जब सर्वोच्च न्यायालय ने एजीआर की सरकार की परिभाषा को बरकरार […]
उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार कंपनियों को आज थोड़ी राहत देते हुए समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया चुकाने के लिए 10 साल की मोहलत दी। हालांकि अदालत ने कहा कि कुल बकाये का 10 फीसदी अग्रिम जमा करना होगा। आदेश के मुताबिक दूरसंचार कंपनियों को एजीआर बकाया चुकाने के लिए शपथ पत्र देना होगा। भुगतान की […]
एजीआर बकाये पर अब सेवा कर के नोटिस
पहले से ही समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के भुगतान पर जूझ रही दूरसंचार कंपनियों को सेवा कर विभाग की ओर से कर नोटिस भेजे जा रहे हैं। इससे परेशान मोबाइल ऑपरेटरों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार को पत्र लिखकर संसद से कानून पारित कराने की मांग की है ताकि […]
आईबीसी प्रक्रिया में अटक न जाए एजीआर बकाया!
उच्चतम न्यायालय ने दिवालिया प्रक्रिया में सकल समायोजित राजस्व (एजीआर) की बकाया रकम के अटकने पर चिंता जताई है। एजीआर मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने आज कहा, ‘हमें इस बात की आशंका है कि एजीआर मद में बकाया पूरी रकम दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता (आईबीसी) प्रक्रिया में उलझ कर रह जाएगी। […]