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5 लाख करोड़ रुपये के MCap वाला ग्रुप बनने का लक्ष्य, मौजूदा कारोबार की मजबूती पर फोकस: पिरोजशा गोदरेजमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन के मुकाबले मजदूरी कम, मुनाफे में उछाल से बढ़ी आय असमानता की चिंताआईटी शेयर फिसले तो थम गया बढ़त का सिलसिला, सेंसेक्स 757 अंक टूटा; कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंताहोर्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर, ईरान ने जब्त किए दो जहाज; तीसरे पर हमलाGroww के मजबूत नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बंटे, वृद्धि की उम्मीद मगर मूल्यांकन की बाधातिमाही आय व वृद्धि की चिंता से आईटी सेक्टर में भारी गिरावट, निफ्टी आईटी 4% टूटाबंधन म्युचुअल फंड ने इक्विटी में जोड़े गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ, नए प्रावधान का फायदा उठाने वाला पहला फंड हाउसलंबे समय बाद मैं बाजारों पर उत्साहित हूं : एंड्रयू हॉलैंडRupee vs Dollar: एशियाई मुद्राओं में नरमी और कच्चे तेल में बढ़त से रुपया कमजोरइक्विटी म्युचुअल फंड में कैश होल्डिंग 2 साल के निचले स्तर पर, बाजार गिरावट में फंड मैनेजरों की भारी खरीदारी
अर्थव्यवस्था

…2047 तक विकसित देश बन पाएगा भारत?

अगले 25 वर्षों में ओईसीडी देशों की तुलना में देश की प्रति व्यक्ति आय में लगातार 12.4 फीसदी की वृद्धि करने की आवश्यकता होगी । एक नए स्वतंत्र भारत के नीति निर्माताओं ने विकसित दुनिया के साथ तालमेल बिठाने के लिए 1947 में मिश्रित अर्थव्यवस्था का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने सोचा कि भारत […]

कंपनियां

जून तिमाही में कर्मचारी लागत पर कोरोना का संक्रमण

कंपनियों के जून तिमाही के परिणामों से पता चलता है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के असर से जूझने के कारण कर्मचारियों की लागत में तीव्र कटौती की गई है। बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए कैपिटालाइन के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 217 में से कुल 129 कंपनियों ने जून तिमाही के दौरान […]

विशेष

आपके स्वास्थ्य का होगा डिजिटल कार्ड

कोविड-19 ने दुनिया को कई सबक दिए हैं जिनमें से एक वृहद डेटा का तेजी से इस्तेमाल कर उसका विश्लेषण करने से जुड़ी जरूरत भी शामिल है। स्वास्थ्य से जुड़े ब्योरे का डिजिटलीकरण करने से इन आंकड़ों को व्यापक स्तर पर एकत्र करने के साथ-साथ इनका विश्लेषण भी किया जा सकता है जिससे सरकार को […]

लेख

बकौल विश्लेषक

जरूरत पारदर्शी श्रम कानून की निजी क्षेत्रों में कर्मचारियों की छंटनी को लेकर सरकार का नियंत्रण उचित नहीं है।जाहिर सी बात है कि कंपनियां अपने नियम और शर्तों के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती करती हैं और कर्मचारी भी उन शर्तों को लेकर अपनी सहमति जताते हैं। हां, इस संबंध में सरकार इतना जरूर कर […]

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