नयी दिल्ली, आठ जुलाई :भाषा: जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रेलवे स्टेशन, ढाबों और गली-मोहल्ले में खाने पीने के सामान के खोमचे-रेहड़ी लगाने वालों के लिए साफ सफाई और गुवावत्ता के मानक तैयार किये हैं।
भारतीय मानक ब्यूरो :बीआईएस: द्वारा तैयार इन मानकों में रेहड़ी या ढाबा कहां लगाना है, खाना कैसे बनाना और परोसना है, किस प्रकार के कच्चा माल, सामग्री का इस्तेमाल करना है, तैयार भोजन को कैसे लाना-ले जाना है, उसे किस प्रकार के बर्तन में रखना है जैसी बातें शामिल हैं।
हाल के दिनों में सार्वजनिक स्थलों में खाने का सामान बेचने वाले क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गयी है। यह शहरी आबादी के लिये न केवल आसानी से उपलब्ध होते हैं बल्कि सस्ते भी होते हैं। इसके अलावा बाहर से रोजी रोटी कमाने के लिये शहर आने वाले कामगारों और उनके परिवार के लिये उर्जा और पोषण का प्रमुख स्रोत है। दूसरी तरफ यह लाखों लोगों की आजीविका का साधन भी है। ऐसे में बीआईएस द्वारा तैयार किये गये मानकों से सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
मामले से जुड़े बीआईएस के एक सूत्र ने भाषा से कहा, लोगों को स्वास्थ्यवद्र्धक और गुणवत्तापूर्ण खाने-पीने की चीज उपलब्ध कराने के इरादे से ये मानक बनाये गये हैं। इन मानकों में रेहड़ी या ढाबा कहां लगाना है, खाना कैसे बनाना और परोसना है, किस प्रकार के कच्चा माल, सामग्री का इस्तेमाल करना है, तैयार भोजन को कैसे लाना-ले जाना है, उसे किस प्रकार के बर्तन में रखना है, कीटनाशकों, कचड़ों से निपटने एवं प्रशिक्षण जैसी बातें शामिल हैं।
बीआईएस के अनुसार खाने को बार-बार गर्म करने से भी खाद्य पदार्थ दूषित हो सकता है। शिक्षा तथा जागरूकता की कमी से यह समस्या बढ़ी है जिसे दूर करने की जरूरत है।