बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ी राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने आज उनके खिलाफ नौ साल पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले को खारिज कर दिया। न्यायालय ने साथ ही अदालत से स्पष्ट निर्देशों के बिना मायावती के खिलाफ जांच शुरू करने पर सीबीआई की खिंचाई की।
शीर्ष अदालत ने कहा कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो :सीबीआई: द्वारा अपनाया गया तरीका गैरजरूरी था और एजेंसी ने ताज कारिडोर घोटाले में अदालत के आदेशों को सही ढंग से समझे बिना ही उनके खिलाफ कार्यवाही की।
न्यायमूर्ति पी सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने घोटाले में राज्य सरकार के अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने से जुड़े उच्चतम न्यायालय के आदेश को स्पष्ट किया और कहा कि आय के ग्यात स्रोतों से कथित रूप से अधिक संपत्ति के मामले में मायावती के खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज करने का कोई आदेश नहीं दिया गया था।