बंबई उच्च न्यायालय ने एकल न्यायाधीश के एक अंतरिम आदेश के खिलाफ फिल्मकार रमेश सिप्पी की याचिका को खारिज कर दिया। अंतरिम आदेश में सिप्पी को अल्टामाउंट रोड पर एक फ्लैट के सिलसिले में कोर्ट रिसीवर नियुक्त करने से या उनके भाई सुरेश को उन्हें अंतरिम मुआवजा देने का आदेश देने से मना कर दिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत इस समय राहत देने के लिए तैयार नहीं है।
रमेश सिप्पी ने अपने भाई के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था और दक्षिण मुंबई के आलीशान अल्टामाउंट रोड इलाके की श्री विजया भवन सोसायटी में 20 करोड़ रुपये कीमत के 2,500 वर्ग फुट वाले एक फ्लैट पर अपना दावा किया था।
दोनों भाइयों के बीच दो साल पहले उनकी मां के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ था। रमेश ने सुरेश और उनके बेटों पर फ्लैट में अवैध तरीके से कब्जा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि संपत्ति के लिए उन्हें रिसीवर बनाया जाए या सुरेश सिप्पी को घर के किराये से होने वाली आय के एवज में मुआवजा देने का आदेश दिया जाए।