छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 27...28 जून की रात माओवाद विरोधी अभियान के विवादों में फंसने के बीच केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने आज दावा किया कि मुठभेड़ सही थी । साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्दोष व्यक्ति मरा है तो इसका उन्हें खेद है ।
चिदंबरम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमारे पास 16...17 लोगों के नाम हैं । हम उनके नाम जानते हैं । उनकी उम्र जानते हैं । कम से कम तीन से चार के आपराधिक रिकार्ड रहे हैं । उनके विगत रिकार्ड स्पष्ट रूप से वाम चरमपंथ से जुड़े रहे हैं । ये सभी तथ्य सही मुठभेड़ की ओर इशारा करते हैं ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह अगर जांच कराना चाहते हैं तो वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं । सीआरपीएफ के महानिदेशक ने कहा कि छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है । सीआरपीएफ के छह जवान मारे गए ।
बहरहाल चिदंबरम ने कहा, गोलीबारी में अगर कोई निर्दोष मारा गया है तो उन्हें गहरा दुख है ।
गृह मंत्री ने कहा, निर्दोष या किसी बच्चे को मारने की हमारी कोई मंशा नहीं है । लेकिन यह मुठभेड़ का मामला है जहां सुरक्षा बलों को जान गंवानी पड़ती है । उन्होंने गोलीबारी का जवाब दिया और दूसरे पक्ष को जान गंवानी पड़ी ।
उन्होंने कहा, सुरक्षा बल जब गोलीबारी का जवाब देते हैं और दूसरे पक्ष को मार गिराते हैं तो आप उसे फर्जी मुठभेड़ कहते हैं । और जब वे जवाब नहीं देते हैं तो आप उन्हें अक्षम बताते हैं ।