IT शेयरों में कोहराम: AI के बढ़ते प्रभाव से हिला निवेशकों का भरोसा, एक हफ्ते में डूबे ₹6.4 लाख करोड़NBFCs के लिए RBI की बड़ी राहत: ₹1000 करोड़ से कम संपत्ति वाली कंपनियों को पंजीकरण से मिलेगी छूटRBI Monetary Policy: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, नई GDP सीरीज आने तक ‘तटस्थ’ रहेगा रुखट्रंप ने फिर किया दावा: मैंने रुकवाया भारत-पाकिस्तान के बीच ‘परमाणु युद्ध’, एक दिन में दो बार दोहरायाइस्लामाबाद में बड़ा आत्मघाती हमला: नमाज के दौरान शिया मस्जिद में विस्फोट, 31 की मौतखरगे का तीखा हमला: पीएम के 97 मिनट के भाषण में कोई तथ्य नहीं, सवालों से भाग रही है सरकारलोक सभा में गतिरोध बरकरार: चीन का मुद्दा व सांसदों के निलंबन पर अड़ा विपक्ष, बजट चर्चा में भी बाधाडिजिटल धोखाधड़ी पर RBI का ऐतिहासिक फैसला: अब पीड़ितों को मिलेगा ₹25,000 तक का मुआवजाPariksha Pe Charcha 2026: PM मोदी ने छात्रों को दी सलाह- नंबर नहीं, स्किल व बेहतर जीवन पर दें ध्याननागालैंड में क्षेत्रीय प्राधिकरण के गठन को मिली त्रिपक्षीय मंजूरी, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक’
अन्य समाचार सीबीआई मामले, कैग टिप्पणी से पेट्रोलियम मंत्रालय में नीतिगत शिथिलता
'

सीबीआई मामले, कैग टिप्पणी से पेट्रोलियम मंत्रालय में नीतिगत शिथिलता

PTI

- December,02 2013 8:43 PM IST

पिछले सप्ताह मुंबई में निवेशकों के समक्ष प्रस्तुती में संयुक्त सचिव :उत्खनन: ए गिरिधर ने यह बात कही। उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में फैसले लंबित होने के कारणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंत्रालय में अधिकारी निर्णय को मंजूरी देते हैं लेकिन औपचारिक आदेश देने से इनकार करते है जिससे तेल एवं गैस के उत्पादन में देरी होती है।

यहां उपलब्ध प्रस्तुती की प्रति के अनुसार उन्होंने कहा, कई उत्पादन साझोदारी अनुबंधों :पीएससी: पर कैग की प्रतिकूल टिप्पणी तथा डीजीएच, कर्मचारी तथा मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई मामले के कारण मनोबल प्रभावित हुआ। फैसले के लंबित होने के पीछे यही कारण है।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक :कैग: ने सितंबर 2011 में सरकार तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के बीच हस्ताक्षरित पीएससी के मामले में खराब प्रशासन तथा कंपनियों के खर्चों पर निगरानी नहीं करने को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय को आड़े हाथ लिया था।

वहीं दूसरी तरफ सीबीआई रिलायंस इंडस्ट्रीज :आरआईएल: के केजी-डी6 ब्लाक से जुड़े मुद्दों के निपटान के मामले में हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय :डीजीएच: द्वारा कथित अनियमितता तथा पक्षपात को लेकर जांच कर रही है।

पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली तथा पेट्रोलियम सचिव विवेक राय की मौजूदगी में गिरिधर ने 2009 से लंबित नीतिगत मुद्दों को भी रेखांकित किया।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Oil Price Surge
अंतरराष्ट्रीय

‘वेनेजुएला हमारा पुराना ऊर्जा साझेदार’

February 6, 2026 9:22 AM IST