पीसीआई के अध्यक्ष न्यायमूर्ति :अवकाशप्राप्त: मार्कंडेय काटजू को लिखे पत्र में सदस्यों राजीव रंजन नाग और कल्याण बरूआ ने सवाल किया कि दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
उन्होंने पत्र में लिखा, हम निराश हैं कि दो सप्ताह की चूक के बाद भी पीसीआई ने अपनी ओर से कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जबकि हम महसूस करते हैं कि परिषद को चुप्पी साधने के बदले घटना का स्वत: संग्यान लेना चाहिए था।
पत्र में कहा गया है, पीसीआई द्वारा कोई कार्रवाई नहीं शुरू किए जाने के बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था, सिवाय पत्र लिखकर घटना के बारे में आपको अवगत कराएं। नाग और बरूआ ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें उम्मीद है कि अब उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी।