पहले अनिवार्य ई-फाइलिंग की सीमा 10 लाख रपये थी।
वित्त मंत्रालय ने कहा, जिन करदाताओं ने पिछले वित्त वर्ष में एक लाख से अधिक उत्पाद शुल्क या कर दिया है, उन्हें एक जनवरी 2014 से इंटरनेट बैंकिंग के जरिये शुल्क या कर देना होगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से व्यापारियों को कर भुगतान में आसानी होगी।
भाषा