पेरिस स्थित आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन :ओईसीडी: ने बाजार मूल्य पर भारत की जीडीपी वृद्धि 2014-15 में 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो 2015-16 में बढ़कर 5.7 प्रतिशत हो सकती है।
ओईसीडी का कहना है कि े रपये में मंदी से निर्यात को बल मिलने, निवेश पर कैबिनेट समिति द्वारा ढांचागत परियोजना को त्वरित मंजूरी तथा 2014 के आम चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त होने से े देश की आर्थिक गतिविधियों में धीरे धीरे सुधार आएगा।
भारत अपनी जीडीपी की गणना स्थायी मूल्य पर करता है और वित्त वर्ष 2012-13 में यह पंाच प्रतिशत रही थी जो दशक में सबसे कम है। वित्त मंत्री पी चिदंबरम का मानना है कि मार्च 2014 को समाप्त होने वाले मौजूदा वित्त वर्ष में वृद्धि दर 5-5.5 प्रतिशत रहेगी।
ओईसीडी का कहना है कि रपये में गिरावट से मुद्रास्फीति, लोक वित्त, कंपनियों तथा अधिक बाह्य रिण वाले बैंकों पर दबाव बढा है। इसके अनुसार, े आपूर्ति संबंधी बाधाओं से वृद्धि में बाधा है। े
इस बीच ओईसीडी ने भारत की नयी मौद्रिक नीति खाके का स्वागत किया है जिसमें नीतिगत आधार या एंकर के रूप में मुद्रास्फीति पर अधिक जोर दिया गया है।
भाषा