BS Exclusive: खास घटना नहीं व्यापक बुनियाद पर बना है बजट- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणभारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति, FTA वार्ता के लिए शर्तों पर हुआ करारIOCL Q3 Results: बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और सरकारी मुआवजे से मुनाफा 6 गुना उछला, ₹13,502 करोड़ पर आयाजमीन से आमदनी बढ़ाने की कवायद में LIC, मुनाफा 17% बढ़कर ₹12,958 करोड़ रहासरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ा, मजबूत ट्रेजरी यील्ड ने नेट इंटरेस्ट इनकम की कमी पूरी कीIndia-US Trade Deal: कृषि के लिए नहीं खोला गया बाजार, बोले कृषि मंत्री चौहान किसानों के हित सुरक्षितEPFO इक्विटी निवेश में लाएगा डायवर्सिफिकेशन, नए सेक्टर और स्टाइल इंडेक्स में भी कदम रखने का विचारदेश भर में सरपट दौड़ेगी भारत टैक्सी, क्या ओला, उबर और रैपिडो को दे पाएगी कड़ी टक्करIndia-US Trade Deal: 4-5 दिन में करार की रूपरेखा जारी करने की तैयारी, संयुक्त बयान के बाद घटेगा शुल्करिलायंस ने वेनेजुएला से खरीदा 20 लाख बैरल तेल, 6.5 से 7 डॉलर सस्ते भाव पर हुई खरीदारी
अन्य समाचार भारत के साथ बराबरी की कोशिश पाकिस्तान की शिथिलता का कारण
'

भारत के साथ बराबरी की कोशिश पाकिस्तान की शिथिलता का कारण

PTI

- November,19 2013 6:33 PM IST

वाशिंगटन, 19 नवंबर :भाषा: अमेरिका में पूर्व पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा है कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी सेना को भारत के साथ बराबरी में लाने के लिए मजबूत किया और बराबरी की उसकी यही कोशिश उनके देश की आंतरिक शिथिलता के लिए आंशिक तौर पर जिम्मेदार है।

हक्कानी ने कहा कि आजादी के बाद से ही पाकिस्तानी नेतृत्व ने अपनी सेना को भारत के बराबर लाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा, बराबरी की यही कोशिश पाकिस्तान की आंतरिक शिथिलता के लिए आंशिक तौर पर जिम्मेदार है।

हक्कानी ने कहा कि साल 1947 में खासतौर पर भारतीयों ने बंटावारे के विचार का समर्थन नहीं किया था और शायद आज भी वे बंटवारे के विचार को पसंद नहीं करते।

उन्होंने अपनी नयी पुस्तक मैग्नीफिसेंट डिल्यूसंस में कहा, मैं नहीं समझता कि भारत फिलहाल पाकिस्तान को अपने नियंत्रण में लेना चाहेगा क्योंकि वे अतिरिक्त समस्यायंे मोल नहीं लेना चाहते।

उनकी यह पुस्तक हाल ही में बाजार में आई है। हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तान को व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर जोर देना चाहिए।

संबंधित पोस्ट