झारखंड सिल्क टेक्सटाइल एंड हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड :झारक्राफ्ट: धीरेन्द्र कुमार ने प्रेट्र को बताया, हम चीन के बाद सबसे अधिक रेशम उत्पादक देश हैं। चीन साल में 90,000 टन रेशम उत्पादन करता है, जबकि देश का सालाना रेशम उत्पादन 23,000 टन है। हमने राज्य में रेशम उत्पादन और ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए दृष्टि-पथ तैयार किया है।
उन्होंने बताया, झारखंड दुनिया भर में टशर रेशम की आपूर्ति करने वाला एकलौता आपूर्तिकर्ता है। अनुभवी बुनकरों के कारण यहां इसका उत्पादन बढ़ाने की बहुत संभावनाएं हैं। विशेष रूप से संथाल परगना क्षेत्र में अधिक मात्रा में रेशम के कीड़े पनपने की संभावनाए मौजूद हैं।
धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि राज्य के 10 लाख से अधिक व्यक्तियों को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए हमने एक परियोजना दृष्टि-पथ तैयार किया है। इस परियोजना में करीब 3,356 करोड़ रपये की लागत आएगी।