नीता ने कहा कि जच्चा-बच्चा और नवजात शिशुआंे की मृत्यु को न केवल सरकार बल्कि समाज व कारपोरेट क्षेत्र के समय पर हस्तक्षेप से रोकी जा सकती है। उन्हांेने कहा कि इसके लिए एक बेहतर और टिकाउ भागीदारी की जरूरत है।
उन्हांेने यहां एक कार्यक्रम मंे कहा कि भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता है। इसकी आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है। इसके साथ देश को कई प्रकार की चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। इनमंे चिकित्सकों की कमी और एक कमजोर स्वास्थ्य सेवा ढांचा जैसी समस्याएं हैं।
उन्हांेेने आंकड़ांे का हवाला देते हुए कहा कि देश मंे प्रति हजार लोगांे पर अस्पतालांे मंे औसतन सिर्फ एक बिस्तर है। वहीं 1,700 लोगांे के पीछे एक चिकित्सक है।
उन्हांेने कहा कि यह असंतोषजनक स्थिति है। इस परिदृश्य मंे सुधार की जरूरत है।
भाषा अजय