वीरभद्र ने पीटीआई से कहा, राज्य में क्रिकेट के संचालन के लिये तदर्थ समिति गठित की गयी है तथा इसे क्रिकेटरों और क्रिकेट प्रेमियों को शामिल करके विस्तार दिया जाएगा।
यहां एक समारोह में वीरभद्र ने खंडन किया कि वह निरंकुश बन गये हैं। उन्होंने कहा कि एचपीसीए को यह भूमि कंपनी के तौर पर नहीं बल्कि सोसायटी के रूप में काम करने के लिये सामान्य किराये पर दी गयी थी।
उन्होंने कहा, सरकार ने क्रिकेट के विकास के लिये एचपीसीए को एक रूपये प्रति वर्ष पर भूमि दी थी। एचपीसीए तब सोसायटी थी लेकिन बाद में उसने खुद को कंपनी बना दिया जो हमें स्वीकार्य नहीं था और इसलिए हमने लीज समाप्त कर दी। इसमें तानाशाही कहां से आ गयी।
वीरभद्र ने आश्वासन दिया कि राज्य में सभी मैच तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे और इस फैसले से उन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, एचपीसीए की संपत्ति अपने कब्जे में लेने के बाद सरकार क्रिकेट मैचों के संबंध में लगातार बीसीसीआई के संपर्क में है और हम आश्वासन देते हैं कि मैच पूर्व कार्यक्रम के अनुसार होंगे।