पाकिस्तान के चोटी के अधिवक्ताओं मंे शुमार वसीम ने यह भी कहा, आप सबकी बातें हमने सुनी है और मैं अपने स्तर पर जितना संभव हो सकेगा सरकार के समक्ष इन मुद्दों को जरूर रखूंगा और बातचीत कर यहां के आवाम की भावनाओं से अवगत कराउंगा ।
इससे पहले उन्होंने बार के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, दोनों मुल्कों मंे समानता है । सरकार, न्यायपालिका, कानून, संस्कृति, आतिथ्य और समाज आदि सब मंे समानता है । इसलिए दोनों देशों के बीच आपसी सद्भाव भी बरकरार होना चाहिए ।
उन्होंने कहा, लंबे समय से मेरी इच्छा यहां आने की थी । मैने अपने बचपन का घर देखा । मुझे बहुत अच्छा लगा कि मैं जीते जी अपने जन्मस्थान पर आ गया । मेरे नाना शेख मोहम्मद शरीफ यहां अधिवक्ता थे और बाद मंे 1945 मंे लाहौर उच्च न्यायालय में न्यायाधीश बना दिये गए । विभाजन के बाद शेख साहब वहीं रह गए ।
घर खोजने के बारे में पंजाब हरियाणा बार के पूर्व प्रमुख नवतेज सिंह तूर ने बताया कि शेख साहब के तत्कालीन पडोसी डा मेजर जनरल :अवकाश प्राप्त: तीरथ सिंह ने उनसे संपर्क कर कल देर रात घर के बारे मंे बताया । तूर तब किशोर थे और शेख के पडोस में रहते थे । उनका घर अब भी वहीं है ।
वसीम के साथ उनके दो बेटे तथा उनके कार्यालय के दो सहयोगी भी साथ थे ।
भाषा रंजन
नननन