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असम ने मनाई श्रीमंत शंकरदेब की 565वीं जयंती

PTI

- October,14 2013 8:33 PM IST

श्रीमंत शंकरदेब के अनुयायियों ने कीर्तन घरों में नाम प्रसंग गाए और अपने गुरू की महिमा का गुणगान किया।

असम के महान सुधारक शंकरदेब ने राज्य और निकटवर्ती पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में एक पंथ की स्थापना की। संत के अनुयायियों ने आज उनके कीर्तन से खोल :ढोल: और भूत ताल :धातु की बड़ी घंटी: की धुनों पर ईश्वर के भजन गाए।

खोल और भूत ताल शास्त्रीय नृत्य की सतरिया परंपरा के अभिन्न वाद्य हैं, जिनकी नींव असमी विद्वान ने रखी।

गुरूजन की धार्मिक रचनाओं को गाते बजात भक्तों की गायन बायन टोलियां राज्य के विभिन्न हिस्सों से गुजरीं। खास तौर से केन्द्रीय असम के नागांव जिले में संत के जन्मस्थान बारदोवा में उनके जन्मदिन की विशेष धूम रही।

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