हर वर्ष इस समय यहां मौसमी सब्जियों के दाम 50 फीसद तक बढ़ जाते हैं।
सब्जी विक्रता रमेश उका का परिवार बीते 30 वर्षों से भी अधिक समय से डर्बन में सब्जियां बेच रहा है। उन्होंने बतायाा कि मांग एवं आपूर्ति के बीच के असंतुलन के कारण हर वर्ष इस महीने में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं।
उन्होंने कहा, हम यहां के किसानों के रहम पर हैं, जो यह जानते हैं कि अपने धार्मिक बाध्यताओं को पूरा करने के लिए ग्राहक अधिक दाम भी चुकाने को तैयार हो जाएंगे।
वहीं गृहणी शिरीन नायडू का कहना है कि दक्षिणी अफ्रीकी किसान भिंडी, बैंगन और कद्दू जैसी सब्जियों के ही दाम सबसे ज्यादा बढ़ाते हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से भारतीय करते हैं, जबकि अन्य समुदायों द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली गाजर और सलाद जैसी चीजों के दाम नहीं बढ़ते हैं।
भाषा