दो निशानेबाजों पर मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के लिये प्रतिबंध लगाया गया, जिसमें उन्होंने अभद्र और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्हें निलंबन की सीमा के खत्म होने तक सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय टूर्नामेंटांे से प्रतिबंधित कर दिया।
शीर्ष निशानेबाज अंजलि भागवत की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय जांच समिति की सिफारिशों पर एनआरएआई ने तीन अन्य निशानेबाजों को गलत काम के लिये उकसाने के लिये फटकार लगायी।
जिस महिला निशानेबाज ने शिकायत दर्ज की थी, उसे भी फटकार लगायी गयी है।
यह सब तक शुरू हुआ जब जर्मनी के सूल में अंतरराष्ट्रीय जूनियर निशानेबाजी प्रतियोगिता की ट्रैप स्पर्धा में चयनित एक महिला निशानेबाज ने पिछले महीने एनआरएआई और खेल मंत्रालय में अपनी टीम के दो सदस्यों पर लैंगिक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी।