माकपा के पूर्व विधायक अजीत सरकार की बिहार के पूर्णिया जिले में 14 जून 1998 को अग्यात लोगों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी।
पार्टी पोलित ब्यूरो ने यादव और अन्य को रिहा किए जाने को न्याय का उपहास बताया और कहा कि निचली अदालत को उनके अपराध का अकाट्य सबूत मिला था और वह उम्र कैद की सजा रहे थे। उच्चतम न्यायालय ने कई मौकों पर उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया था।
पार्टी ने कहा, आरोपी को संशय का लाभ देने के नाम पर उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया और उनकी रिहाई का आदेश दिया।
माकपा ने मांग की कि सीबीआई को यह मामला गंभीरता से लेना चाहिए और इस फैसले के खिलाफ जल्दी उच्चतम न्यायालय में अपील करनी चाहिए। पार्टी ने कहा कि इस मामले में न्याय से इंकार नहीं किया जाना चाहिए।
पटना उच्च न्यायालय के कल के आदेश के बाद पार्टी पोलितब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा था कि यह खेदजनक फैसला है और सीबीआई को इसके खिलाफ शीघ्र उच्चतम न्यायालय में अपील करनी चाहिए।
जारी भाषा