देश में कंपनियों के बीच क्लाउड कंप्यूटिंग प्रणाली को लेकर बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए उद्योग मंडल सीआईआई ने कहा है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा एक समर्पित नीति बनाई जानी चाहिए जिसमें इस प्रौद्योगिकी की खरीद और इस्तेमाल के लिए मानकों की व्याख्या हो।
क्लाउंड कंप्यूटिंग प्रति इस्तेमाल के मुताबिक भुगतान माडल पर आंकड़ों को स्टोर करने और साफ्टवेयर तक पहुंच की सुविधा देता है जिससे कंपनियों को लागत घटाने में मदद मिलती है और उन्हें आईटी ढांचे की स्थापना में भारी निवेश नहीं करना पड़ता।
क्लाउड कंप्यूटिंग सेवा प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनियों में गूगल, एमेजन और माइक्रोसाफ्ट शामिल हैं जो दुनियाभर में सर्वरों में अपने ग्राहकों के आंकड़े स्टोर करती हैं।
सीआईआई, केपीएमजी और अमरचंद मंगलदास एंड श्राफ द्वारा जारी रपट दि इंडियन क्लाउड रिवोल्यूशन में कहा गया है कि जहां कंपनियां इस नयी प्रौद्योगिकी को अपना रही हैं, सरकार ई..प्रशासन की पहल में क्लाउड आधारित सेवाओं का इस्तेमाल कर लागत में उल्लेखनीय कमी ला सकती है।