कर्नाटक भाजपा के कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा ने जातिगत राजनीति के सहारे अपने साथी लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार को डीवी सदानंद गौड़ा के स्थान पर प्रदेश के नये मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंचाकर साबित कर दिया है कि प्रदेश में पार्टी की राजनीति में अभी तक उनका सिक्का चलता है।
येदियुरप्पा ने 11 महीने पहले खुद ही शेट्टार की शिकस्त सुनिश्चित कर दी थी और गौड़ा को मुख्यमंत्री बनवाया था, लेकिन जल्द ही उनका गौड़ा सेे मोहभंग हो गया। तब से, वह गौड़ा को हटाने के एजेंडे पर काम कर रहे थे।
येदियुरप्पा ने गौड़ा पर विपक्षी जद :से: से प्रभावित होने और अपने मंत्रियों को विश्वास में नहीं लेने का आरोप लगाया।
अवैध खनन के सिलसिले में लोकायुक्त की रिपोर्ट में आरोपित किए जाने के बाद येदियुरप्पा को पिछले साल 31 जुलाई को मुख्यमंत्री पद छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। ऐसा होने के बावजूद उनका पार्टी के विधायकों पर प्रभाव कायम रहा।
कर्नाटक में सत्ता के समीकरण में इस बदलाव के चलते राज्य में भाजपा शासन के चार साल के दौरान तीसरी बार कमान परिवर्तन हो रहा है।
जारी भाषा