नेपाल के पूर्व नरेश ग्यानेंद्र ने देश से राजशाही के खात्मे के चार साल बाद फिर से यहां ऐसी व्यवस्था बहाल किए जाने की इच्छा जताई है।
ग्यानेंद्र ने कहा कि वह नेपाल की राजनीति में अपने लिए सक्रिय भूमिका नहीं चाहते, लेकिन उनकी चाहत एक बड़े पैमाने पर प्रतीकात्मक भूमिका की जरूर है। उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक दलों को अपने व्यवहार के लिए जवाब देना होगा।
उनकी यह टिप्पणी उस वक्त आई है, जब नेपाल बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। यहां के राजनीतिक दल नए संविधान को लेकर सहमति बनाने में नाकाम रहे हैं।
पूर्व नरेश ने कल अपना 66वां जन्मदिन मनाया। उन्होंने कहा कि साल 2006 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर उन्हें नेपाल के विपक्षी दलों के साथ समझौता करने के लिए विवश होना पड़ा।