2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में मुकदमे का सामना कर रही द्रमुक सांसद कनिमोई को आज दिल्ली की अदालत ने दो दिन के लिए व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी ताकि वह तमिलनाडु में जयललिता सरकार द्वारा अपने नेताओं को हिरासत मंे लिए जाने के खिलाफ अपनी पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले बड़े आंदोलन में हिस्सा ले सकें।
द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की पुत्री कनिमोई ने अपनी याचिका में कहा कि वह संसद की सदस्य हैं और उनपर कल अपनी पार्टी द्वारा आयोजित राजनैतिक आंदोलन में हिस्सा लेने का दायित्व है।
उनकी दलीलों को स्वीकार करते हुए विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी ने कहा, इन दो दिनों में आरोपी की अनुपस्थिति :कनिमोई: में सुनवाई की प्रक्रिया बाधित नहीं होगी और सुनवाई के दौरान उनके वकील मौजूद रहेंगे इस तथ्य पर गौर करते हुए मैं आवेदन को मंजूर करता हूं।
अदालत ने कहा, इसलिए कनिमोई को चार और पांच जुलाई को व्यक्तिगत पेशी से छूट दी जाती है।
अदालत ने सीबीआई की इस आपत्ति को दरकिनार कर दिया कि राजनैतिक आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किए जाने की संभावना है, जिसके कारण मामले में सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
अदालत ने इस बीच अभियोजन पक्ष के गवाह मनीष गांधी का बयान दर्ज किया। गांधी टीसीके एडवाइजर्स :प्रा: लिमिटेड में निदेशक है जिसने डी बी रिएल्टी में अपने धन का निवेश किया था।
गांधी ने डी बी रिएल्टी में निवेश और किस तरीके से वह दूरसंचार क्षेत्र में उतरी इस बारे में गवाही दी। डीबी रिएल्टी शाहिद बलवा और विनोद गोयनका का संयुक्त उपक्रम है।
भाषा