वर्ष 2003 में हुए सादिक जमाल मुठभेड़ कांड की जांच कर रही सीबीआई ने आज दावा किया कि जिस मुठभेड़ में लश्कर..ए..तैयबा के कथित सदस्य जमाल की मौत हो गयी थी वह एक साजिश का हिस्सा थी और इसमें मुुंबई के एक अखबार में पत्रकार रहे केतन तिरोडकर ने भूमिका अदा की थी।
मामले के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक एस के राठी ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश से तिरोडकर की सात दिन की रिमांड की मांग की और कहा, सादिक के साथ मुठभेड़ एक साजिश थी और तिरोडकर उसका हिस्सा था जैसा कि उसने खुद कबूल किया है।
तिरोडकर को अपराध में कथित तौर पर शामिल होने के मामले में कल गिरफ्तार किया गया था।
राठी ने कहा, हमें तिरोडकर से पता लगाना है कि साजिश में और कौन शामिल था और इसमें गुजरात पुलिस की संलिप्तता के बारे में वह क्या जानता है।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश एच एस खुतवाद ने सीबीआई को तिरोडकर को पूछताछ के लिए 12 जुलाई तक हिरासत में रखने की इजाजत दे दी।
तिरोडकर को आईपीसी की धाराओं 120 बी, 114, 345, 365 और 302 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
भावनगर के रहने वाले सादिक जमाल को 13 जनवरी, 2003 को अहमदाबाद में गुजरात पुलिस द्वारा एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया जात है। पुलिस ने तब आरोप लगाया था कि वह लश्रक..ए...तैयबा का सदस्य था और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एवं विहिप नेता प्रवीण तोगडि़या को मारने के मिशन पर था।