छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य मेंं प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मृत्यु पर पीडि़त परिवारों को मिलने वाली मुआवजा राशि बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपए करने का फैसला किया है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने विभिा प्राकृतिक आपदाओं से पीडि़त परिवारों के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अंतर्गत तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। इस प्रकार की विपदाओं में मृत्यु होने पर अब मृतक के परिवार को दी जाने वाली मुआवजा राशि एक लाख रूपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपए कर दी गई है।
इन प्राकृतिक विपदाओं में सर्पदंश, बिच्छू-दंश, मधुमक्खी के काटने, नदी, तालाब, बांध, कुंआ, नहर अथवा नाले में डूबने, रसोई गैस सिलेण्डर फटने, खदान धसकने, आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी प्राकृतिक विपदा में अंग भंग होने और आंखों को नुकसान पहुंचने की स्थिति में 40 से 75 प्रतिशत तक अक्षमता होने पर अब तक 35 हजार रूपए की सहायता देने का प्रावधान था।
संशोधित प्रावधान के अनुसार, अब ऐसे प्रकरणों में 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अक्षमता होने पर 43 हजार पांच सौ रूपए की सहायता मिलेगी। इस प्रकार के मामलों में घायल व्य िकी 75 प्रतिशत से ज्यादा अक्षमता होने पर 50 हजार रूपए की सहायता दी जा रही थी। नये प्रावधान के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक अक्षमता की स्थिति में पीडि़त व्य िको 62 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी।