मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुजा प्रभुदेसाई के सामने शोमा की पेशी पांच घंटे से भी अधिक समय तक चली।
हालंाकि उन्होंने अदालत के बाहर मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।
शोमा की पेशी से एक दिन पहले ही पीडि़त पत्रकार के तीन सहयोगियों ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था। पीडि़त पत्रकार ने सबसे पहले इन्हीं तीनों को अपने यौन उत्पीड़न के बारे में बताया था।
पूर्व प्रबंध संपादक पर पीडि़त पत्रकार ने मामले की लीपा-पोती करने और अपने नारीवादी रूख पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया था।
अपने त्यागपत्र में शोमा ने लीपा-पोती और मामले को दबाने के आरोप का खंडन किया था। पीडि़त पत्रकार ने पिछले महीने पत्रिका द्वारा गोवा में आयोजित थिंक फेस्ट के दौरान दो अवसरों पर एक पंचसितारा होटल के लिफ्ट में तेजपाल द्वारा किए गए कथित यौन उत्पीड़न का ब्यौरा देते हुए शोमा को ई-मेल भेजा था।
इसी बीच न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, क्षमा जोशी ने तेजपाल की पुलिस हिरासत चार दिन के लिए बढ़ा दी है।
तेजपाल पहले ही पणजी पुलिस के हवालात में छह दिन बिता चुके हैं।
अपराध शाखा के सूत्रों के अनुसार तेजपाल को होटल में ले जाना अभी बाकी ही है जहां कथित घटना हुई थी। दरअसल तेजपाल का ज्यादातर समय उनका मेडिकल परीक्षण होने में निकल जाता है, ऐसे में पुलिस को उनसे पूछताछ का बमुश्किल समय मिल पाता है।
उधर, तेजपाल अपनी गिरफ्तारी के समय से ही कह रहे हैं कि वह कृत्य आपसी सहमति से हुआ था न कि जबर्दस्ती से जैसा कि पीडि़त पत्रकार आरोप लगा रही है।