बिहार के तीन दिनों के अपने दौरे के आज अंतिम दिन भारत में फ्रांस के राजदूत फ्रांकोइस रिचर ने आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके देश की कंपनियों के लिए बिहार में शिक्षा, उर्जा और आतिथ्य के क्षेत्र में अपनी आर्थिक उपस्थिति दर्ज कराने की काफी संभावना है।
अपनी बिहार यात्रा के क्रम में कल शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के साथ बिहार के व्यापार और वाणिज्यिक संगठनों से विस्तृत बैठक करने के बाद कहा कि वे भारत में मौजूद फ्रांस की 350 कंपनियों से बिहार को अपना पडाव बनाने को लेकर बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत में फ्रांस का निवेश करीब 18 बिलीयन अमेरिकी डालर है। उत्पादन, अॅाटोमोबाईल, सीमेंट, यांत्रिकी अभियंत्रण और सौंदर्य प्रसाधन बनाने वाली फ्रांस की करीब 350 कंपनियों ने भारत के तमिलनाडू, महाराष्ट्र, एनसीआर और गुजरात राज्यों ने निवेश कर रखा है।
रिचर ने कहा कि फ्रांस के शिक्षण संस्थान छात्र और शिक्षकों के स्तर पर विचार के आदान-प्रदान के लिए नालंदा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय और पटना के नेशनल इंस्टिच्यूट अॅाफ टेक्नॅालॅाजी को चिंहित किया गया है।
रिचर ने बिहार में शिक्षा, उर्जा और आतिथ्य के क्षेत्र में अपनी अधिक भूमिका की संभावना व्यक्त करते हुए कहा कि फ्रांस के शिक्षण संस्थान बिहार के छात्रों और शिक्षकों के स्तर पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और इसके लिए बिहार के नालंदा इंटरनेशनल विश्वविद्यालय पटना के नेशनल इंस्टिच्यूट अॅाफ टेक्नॅालॅाजी को चिन्हित किया गया है।