एसआईटी सूत्रों ने बताया कि उन 11 व्यक्तियों के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जायेगी जिनका जिले के विभिन्न मामलों में नाम आया था और बाद में वे गड़बड़ी के दौरान मारे गये।
आरोपियों में गौरव और सचिन का नाम भी रिपोर्ट में है।
क्षेत्र में 27 अगस्त को उस समय सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था, जब गौरव और सचिन ने शाहनवाज की गोली मारकर जान ले ली। बाद में दोनों को गांव में भीड़ ने मार डाला।
मुजफ्फरनगर में और आसपास के क्षेत्रों में अक्तूबर में हिंसा शुरू हुई थी। इस हिंसा में 60 लोगों की जान गयी तथा 40 हजार से अधिक लोग विस्थापित हो गये।