अदालत ने 65 वर्षीय कलानी तथा तीन अन्य को मामले में 29 नवंबर को दोषी घोषित किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश्वरी बापट सरकार ने पूर्व विधायक को आपराधिक साजिश रचने का दोषी ठहराया है। अदालत ने दो अन्य को साक्ष्य नहीं होने के कारण बरी कर दिया।
घनश्याम भटीजा की ठाणे जिले में उल्हासनगर के पिंटो रिजोर्ट के समीप 27 फरवरी 1990 को हत्या कर दी गयी थी। इस हत्या के प्रत्यक्षदर्शी पिंटो के भाई इंदर भटीजा की भी 27 अपै्रल 1990 को पुलिस संरक्षण के बावजूद गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।
पुलिस के अनुसार दोनों ही हत्याएं लंबी राजनीतिक एवं आपराधिक साजिश का नतीजा थे।
पुलिस ने पप्पू कलानी, बच्ची पांडेय, बाबा गबरीला, मोहम्मद अशरत शेख, नरेन्द्र रामसिंघानी एवं रिचर्ड के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
बच्ची, बाबा एवं मोहम्मद को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या एवं साजिश का दोषी ठहराया गया जबकि कलानी को धारा 120 बी के तहत साजिश का दोषी करार दिया गया।
रामसिंघानी एवं रिचर्ड को साक्ष्यों के अभाव में मामले से बरी कर दिया गया।