प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य के केवल 15 फीसदी लोगों को ही आधार कार्ड मिल पाया है, ऐसे में 85 फीसदी लोग :साल में: नौ सब्सिडीप्राप्त सिलेंडर नहीं ले पायेंगे, क्योंकि केंद्र ने सीधे ही संबंधित बैंकों में सब्सिडी पहुंचाने के लिए आधार कार्ड प्रत्यक्ष नकद अंतरण से जोड़ दिया है ।
प्रस्ताव के अनुसार इस फैसले से आम जनता भारी परेशानी में आ जाएगी।
संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने सदन में यह प्रस्ताव रखा था। विपक्ष के नेता सूर्य कांत मिश्रा ने यह कहते हुए इसका समर्थन किया कि आधार कार्ड से जुड़े कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
मिश्रा ने कहा कि केंद्र कानूनी रूप से बायोमैट्रिक पंजीकरण को अनिवार्य नहीं कर सकता।
चटर्जी ने प्रस्ताव में चटर्जी के इस लाईन को शामिल कर लिया कि आधार कार्ड के संबंध मंे कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
माकपा सदस्यों ने इसका स्वागत किया।