अधिवक्ता अशोक पांडेय की तरफ से आयी आपराधिक मानहानि याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जारी पार्टी के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने कहा था कि पार्टी बाबरी मस्जिद मामले में न्यायसंगत समाधान के लिए प्रभावी पैरवी करेगी।
पांडेय का कहना है कि जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनउ पीठ ने वर्ष 2010 में 30 सितम्बर को सुनाये अपने फैसले मेें विवादित स्थल को राम जन्मभूमि मान लिया है , तब उसे बाबरी मस्जिद कहना अदालत की आपराधिक अवमानना है।
अधिवक्ता पांडेय ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी घोषणा पत्र को जारी करने वाले पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के विरुद्ध आपराधिक अवमानना याचिका दाखिल करने के लिए महाधिवक्ता विनय चन्द्र मिश्र से अनुमति मांगी है, जो ऐसी याचिका दाखिल करने के लिए संवैधानिक दृष्टि से जरुरी है।
इसी सिलसिले में महाधिवक्ता मिश्र ने नोटिस जारी कर सोनिया और खुर्शीद से 16 जनवरी 2014 तक अपना पक्ष रखने को कहा है।
..भाषा..सं..पांडेय
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