प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि गन्ना किसानों के समक्ष खड़ी यह समस्या सरकार की किसान विरोधी नीतियों और कृषक समुदाय के प्रति उसकी गैर संवेदनशीलता की वजह से उभरी ।
पूर्व कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को औने पौने दामों पर अपनी फसल बेचनी पड़ी है।
सिंह ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल का 2300 करोड़ रूपए बकाये का भुगतान नहीं कर समस्या बढ़ा दी है। अब भी गन्ना फसल खेतों में लगी हुई है और किसान रबी फसल बो नहीं सकते क्योंकि उत्तर प्रदेश की 60 से अधिक मिलों में पेराई अभी शुरू ही होनी है।
प्रधानमंत्री का ध्यान महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों की दुर्दशा की ओर आकृष्ट करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि वहां किसानों ने आत्महत्या की है क्योंकि गन्ना मिलों ने पेराई सीजन शुरू नहीं किया है।
सिंह ने कहा, वैसे तो केंद्र ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है लेकिन वह स्थिति की गंभीरता समझ नहीं पाई। अतएव मैं अपील करता हूं कि केंद्र सरकार देश में चीनी उद्योग के इस संकट को दूर करने के लिए तत्काल जरूरी पैकेज दे।
उत्तर प्रदेश में 28 नवंबर को लखीमपुर खिरी जिले में एक गन्ना किसान ने भारी रिण और बीमारी को लेकर आत्महत्या कर ली।
भाषा