लोक अदालत में गत शनिवार आए इस फैसले के तहत धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर के मांधाता निवासी पति बसंत माहूलाल और पत्नी शांति के साथ बसंत के साथ पिछले दस साल से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही रामकुमारी भी एक ही घर में रहेगी।
लोक अदालत ने उच्चतम न्यायालय द्वारा लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता देने के मद्देनजर यह फैसला दिया है। उसको अपने पार्टनर के मकान, खेत एवं जमीन में आधा हिस्सा भी मिलेगा।
इस फैसले में सबसे अनोखी बात तो यह है कि एक कमरे में पति रहेगा, जो घर के बीच में है। वहीं, उसके दूसरी ओर के एक कमरे में पत्नी और दूसरे कमरे में वो रहेगी। पति के कमरे का दरवाजा दोनों कमरों में खुलेगा तथा पति का कमरा दोनों की ओर पन्द्रह-पन्द्रह दिन के लिए खुलेगा।