दो दिवसीय उत्सव में किताबों का विमोचन, लेखकों का पठन सत्र और राजनीति, व्यवसाय, आंतरिक सुरक्षा, विदेश नीति से लेकर मीडिया, भ्रष्टाचार और नैतिकता पर पैनल परिचर्चा का आयोजन किया ।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मलिक ने नॉन फिक्शन पर अपने विचार रखे।
मलिक ने प्रेट्र से कहा, सैनिक साम्राज्यवादी दिनों से ही युद्ध के दौरान की अपनी जिंदगी पर लिखते रहे हैं । स्वतंत्रता बाद के उद्धरण भी धीरे...धीरे आएंगे । लेकिन अपनी किताब से मुझे उम्मीद है कि लोगों को सेना में निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में पता चलेगा ।
उनकी नई किताब इंडियाज मिलिटरी कन्फ्लीक्ट्स एंड डिप्लोमैसी : एन इनसाइड व्यू ऑफ डिसीजन मेकिंग का हाल में राष्ट्रीय राजधानी में विमोचन हुआ जिसमें ऑपरेशन पवन, कैक्टस और शक्ति आदि का जिक्र है और यह उन भारतीय सैनिकों को समर्पित है जिन्हें युद्ध के समय याद किया जाता है और शांति के समय भुला दिया जाता है ।
पैनल परिचर्चा में प्रधानमंत्री के वैग्यानिक सलाहकार परिषद् के सदस्य किरण कार्निक, पूर्व राजनयिक पवन के. वर्मा आदि ने शिरकत की ।