द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि ने कहा कि कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय दोनेां पक्षों को बातचीत करनी चाहिए ताकि े किसान प्रभावित नहीं हों और उनका कल्याण सुनिश्चित हो सके। े
संवाददाताओं ने करूणानिधि से पूछा था कि क्या वे इस मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देंगे। मद्रास उच्च न्यायालय ने 25 नवंबर को राज्य सरकार के आदेश को खारिज करते हुए गेल को कृषि भूमि से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दे दी।
प्रस्तावित पाइपालन तमिलनाडु के सात जिलों से होकर गुजरेगी।