शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य माध्यमिक शिक्षकों को आधुनिक और प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धतियों से रूबरू कराना है।
इस परियोजना में महज व्याख्यान देकर पढ़ाने के परंपरागत तरीके की जगह गतिविधियों पर आधारित अभिनव शिक्षण पद्धति को लाया जाएगा।