उद्योग मंडल फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, भारत ने ईरान के साथ मजबूत ऐतिहासिक संबंध बनाये रखा है और ईरान तथा दुनिया के अन्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिये उठाये गये किसी भी कदम से हमें वहां से तेल प्राप्त करने में आसानी होगी।
उन्होंने कहा कि हम औषधि, आईटी, इलेक्ट्रानिक्स और विनिर्मित उत्पादों को ईरान निर्यात करने की संभावना देंखेंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा।
एसोचैम के अध्यक्ष राणा कपूर ने कहा कि समझौते से न केवल भारत का आयात बिल कम होगा क्योंकि कच्चे तेल की कीमत कम होगी बल्कि मुद्रास्फीति पर भी असर पड़ेगा।
ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन अनुपम शाह ने कहा कि समझौता भारत का ईरान के साथ व्यापार को गति देने में मददगार साबित होगा क्योंकि प्रतिबंध के कारण निर्यातक ईरानी खरीदारों से कारोबार करने से झिझक रहे थे।