सिख समुदाय की 21 वर्षीय लड़की ने उच्च न्यायालय में अपने सिंधी पति के साथ पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने और लड़की के पिता द्वारा पिंपरी थाने में उनके खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी के संबंध में दर्ज कराए गए झूठे मामले से छुटकारा दिलाने का अनुरोध करते हुये उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
न्यायमूर्ति एन एच पाटिल और न्यायमूर्ति रेवती एम डेरे को आज अभियोजक के वी सास्ते ने सूचित किया कि पिंपरी थाने ने लड़की के पिता का बयान दर्ज किया है।
सास्ते ने कहा, पिता ने अपने बयान में कहा है कि वह चिंतित हैं कि उनकी बेटी को शादी के जरिए ठगा गया है ताकि उनकी संपत्ति को हड़पा जा सके। पिता ने पुलिस को आश्वस्त किया है कि अगर वह संतुष्ट हो गए कि लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है तब वह आगे कुछ नहीं करेंगे।
अभियोजक ने कहा कि पुलिस लड़की का बयान दर्ज करना चाहती है ताकि इसका पता लगाया जा सके।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता महेश वासवानी ने इस बात से सहमति जताई लेकिन कहा कि लड़की का बयान मुंबई में ही दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि अगर वह पिंपरी जाती है तो उसकी हत्या किए जाने की संभावना है।
जारी :भाषा