अदालत ने उप श्रम आयुक्त, कोयंबटूर के आदेश को निरस्त कर दिया। उप श्रम आयुक्त ने परिवार के मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया था।
मृत व्यक्ति की पत्नी और बच्चों की याचिका को मंजूर करते हुए न्यायमूर्ति सी एस कर्णन ने कहा, काम की प्रकृति के अनुसार यह स्पष्ट है कि पीडि़त को कठोर काम को अंजाम देने के लिए शारीरिक बल का इस्तेमाल करना पड़ता था और इसने उसे प्रभावित किया। इसकी वजह से उसके सीने में दर्द हुआ।